राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर! अब लाभुकों को देना होगा जाति का ब्योरा
राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर! अब लाभुकों को देना होगा जाति का ब्योरा
झारखंड सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों से जुड़ी एक नई प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत अब पात्र राशन कार्डधारकों के कार्ड में उनकी जाति का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। राज्य में इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत लगभग 67.93 लाख राशन कार्ड शामिल हैं, जिनके लाभुकों का जातीय वर्गीकरण ऑनलाइन रिकॉर्ड में जोड़ा जाएगा।
इस प्रक्रिया के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुराने राशन कार्ड में जाति दर्ज कराने या नया राशन कार्ड बनवाने के दौरान डिजिटल जाति प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। हालांकि, यदि किसी लाभुक के पास फिलहाल डिजिटल जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो केवल इसी आधार पर उसका राशन बंद नहीं किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खाद्यान्न वितरण की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
राशन कार्ड में जाति संबंधी जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों को दी गई है। यह ऑनलाइन प्रक्रिया 5 जुलाई से शुरू हो चुकी है और विभाग के अनुसार अब तक 319 राशन कार्डों में जाति का विवरण दर्ज किया जा चुका है। विभाग इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस प्रक्रिया से अलग रखा है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के लाभुकों को डिजिटल जाति प्रमाण पत्र जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके संबंध में आवश्यक जानकारी संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) एकत्र कर सीधे रिकॉर्ड में दर्ज करेंगे। वहीं, सफेद राशन कार्ड रखने वाले परिवारों को भी इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है, क्योंकि वे खाद्यान्न सब्सिडी के पात्र नहीं हैं।
सरकार का उद्देश्य राशन कार्डधारकों का जातिवार अद्यतन डेटा तैयार करना है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य वर्ग के कितने लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी भविष्य में कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने, जरूरतमंद वर्गों की पहचान करने और आवश्यकतानुसार खाद्यान्न वितरण नीति में बदलाव करने के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
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