तेलंगाना में लागू हुआ नया नियम, अब माता-पिता की उपेक्षा पर सरकारी कर्मचारियों का वेतन कटेगा

तेलंगाना में लागू हुआ नया नियम, अब माता-पिता की उपेक्षा पर सरकारी कर्मचारियों का वेतन कटेगा

तेलंगाना में लागू हुआ नया नियम, अब माता-पिता की उपेक्षा पर सरकारी कर्मचारियों का वेतन कटेगा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 15, 2026, 11:30:00 AM

तेलंगाना सरकार ने बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करने वाले संतानों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। राज्य में एक नया प्रावधान लागू किया गया है, जिसके तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने वृद्ध माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो उसके वेतन से सीधे कटौती की जाएगी।

इस कानून के अनुसार, लापरवाही साबित होने पर संबंधित कर्मचारी की सैलरी से 10 से 15 प्रतिशत तक की राशि काटी जाएगी। खास बात यह है कि यह रकम सरकार के पास नहीं जाएगी, बल्कि सीधे माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि समाज में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बुजुर्ग अपने ही बच्चों के बीच खुद को असहाय और उपेक्षित महसूस करते हैं। सरकार का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा और भरण-पोषण सुनिश्चित करना है।

केवल आर्थिक व्यवस्था ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों की दिनचर्या और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए सरकार ‘प्रणाम’ नाम से डे-केयर सेंटर भी शुरू कर रही है। इन केंद्रों में वरिष्ठ नागरिकों को दिनभर देखभाल, सुविधाएं और सामाजिक सम्मान से जुड़ी गतिविधियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

फिलहाल यह पहल केवल तेलंगाना सरकार तक सीमित है। देश के अन्य राज्यों में अभी ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं हुई है, हालांकि असम जैसे कुछ राज्यों में पहले भी माता-पिता की देखभाल को लेकर वेतन कटौती या कानूनी प्रावधानों पर चर्चा और प्रयोग हो चुके हैं। सरकार का मानना है कि यह कदम समाज में पारिवारिक जिम्मेदारियों की भावना को फिर से मजबूत करेगा।