हरमू नदी के किनारों पर शुरू हुआ व्यापक सर्वे, अतिक्रमण हटाने की तैयारी में रांची नगर निगम
हरमू नदी के किनारों पर शुरू हुआ व्यापक सर्वे, अतिक्रमण हटाने की तैयारी में रांची नगर निगम
रांची की प्रमुख जलधाराओं में शामिल हरमू नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराने और उसके प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करने की दिशा में रांची नगर निगम ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. नगर आयुक्त सुशांत गौरव के निर्देश पर नदी के आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण और मापी कार्य शुरू कर दिया गया है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य नदी की वास्तविक सीमा का निर्धारण करना, अवैध कब्जों की पहचान करना और जल प्रवाह में आ रही बाधाओं का आकलन करना है. निगम की टीम ने सिटी और अरगोड़ा जोन के अधिकारियों की मौजूदगी में हिंदपीढ़ी क्षेत्र, वार्ड संख्या 23 से सर्वे अभियान की शुरुआत की. इस दौरान नदी के दोनों किनारों का निरीक्षण किया गया और उन निर्माणों एवं संरचनाओं का भौतिक सत्यापन किया गया, जो नदी क्षेत्र में अतिक्रमण की श्रेणी में आ सकते हैं.
अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान सीमांकन का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि नदी की मूल सीमा और वर्तमान स्थिति के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जा सके. टीम ने आसपास बने भवनों, रास्तों और अन्य ढांचागत गतिविधियों का भी रिकॉर्ड तैयार किया है. निगम का मानना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले क्षेत्र का तकनीकी और तथ्यात्मक मूल्यांकन आवश्यक है, इसलिए विस्तृत मापी को प्राथमिकता दी जा रही है.
नगर निगम के अनुसार यह अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में नदी के अन्य हिस्सों में भी इसी प्रकार का सर्वे किया जाएगा. पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
प्रशासन का कहना है कि वर्षों से अनियंत्रित निर्माण और अवैध कब्जों के कारण हरमू नदी की जल निकासी क्षमता प्रभावित हुई है. इसके परिणामस्वरूप नदी के अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ा है. ऐसे में नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को शहर के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता माना जा रहा है.
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि हरमू नदी रांची की प्राकृतिक संपदा का अहम हिस्सा है और इसे व्यवस्थित एवं अतिक्रमण मुक्त बनाना निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के जरिए वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उनके अनुसार लक्ष्य केवल अवैध कब्जों को हटाना नहीं, बल्कि नदी के दीर्घकालिक संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन की दिशा में ठोस पहल करना है.
नगर निगम ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि हरमू नदी को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस दिशा में अभियान जारी रहेगा.
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