आशुतोष कुमार के भाई की मौत पर बोले विजय सिन्हा– 'दोषियों को पाताल से भी ढूँढ निकालेंगे, मिलेगा न्याय'

भाजपा नेता और भूमिहार समाज को संगठित करने के लिए सक्रिय भूमिहार ब्राह्मण मंच के संस्थापक आशुतोष कुमार के भाई आलोक कुमार की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक और आक्रोश का माहौल है।

आशुतोष कुमार के भाई की मौत पर बोले विजय सिन्हा– 'दोषियों को पाताल से भी ढूँढ निकालेंगे, मिलेगा न्याय'
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 19, 2025, 7:39:00 PM

भाजपा नेता और भूमिहार समाज को संगठित करने के लिए सक्रिय भूमिहार ब्राह्मण मंच के संस्थापक आशुतोष कुमार के भाई आलोक कुमार की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक और आक्रोश का माहौल है। शुक्रवार को बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा गया स्थित आशुतोष कुमार के आवास पहुंचे और शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस दुखद घड़ी में परिवार को धैर्य, शक्ति और संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बड़हिया निवासी वरिष्ठ समाजसेवी मृणाल माधव भी गया पहुंचे। उन्होंने आशुतोष कुमार से मुलाकात कर हर संभव कानूनी सहायता का भरोसा दिलाया। मृणाल माधव ने कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सवाल है और आलोक कुमार को न्याय दिलाने के लिए समाज हर स्तर पर संघर्ष करेगा।

गौरतलब है कि बीते दिनों झारखंड के देवघर में एक तेज रफ्तार कार ने आलोक कुमार को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आशुतोष कुमार ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए इसे दुर्घटना नहीं बल्कि साजिशन हत्या करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में देवघर के कुख्यात राहुल चंद्रवंशी के एक रिश्तेदार की भूमिका है।

मामले में यह भी आरोप सामने आए हैं कि घटना के बाद राहुल चंद्रवंशी समेत 20 से 25 लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई। आरोप है कि हथियार दिखाकर परिजनों को डराने की कोशिश भी की गई। बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम पास के मॉडर्न पब्लिक स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है।

फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता से कार्रवाई करता है।