बिहार विधानसभा के प्रश्नकाल में 'सूखा नशा' अचानक बहस के केंद्र में आ गया। सहरसा से इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने राज्य में तेजी से फैलते ड्रग्स के नेटवर्क को लेकर सरकार कठघरे में खड़ा कर दिया
विधायक गुप्ता ने गंभीर दावा किया कि गांवों से लेकर शहरों तक, हर जगह 'सूखा नशा' युवाओं और स्कूली छात्रों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। यह एक ऐसा सामाजिक घाव बन गया है। जिससे पूरा समाज चिंतित है। अवैध नशा बिहार में किस कदर पांव पसार चुका है, यह सदन में उठी इस आवाज से स्पष्ट होता है।
विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने सदन में बताया कि ड्रग पेडलर्स नए-नए तरीकों से युवाओं को निशाना बना रहे हैं। ये गिरोह छोटे बच्चों और छात्रों को आसानी से अपने चंगुल में फंसा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
उन्होंने सरकार से इस बढ़ते खतरे पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर मसला है
आईपी गुप्ता ने कहा कि सहरसा में नवोदय विद्यालय और आईटीआई के छोटे-छोटे बच्चे ड्रग्स ले रहे हैं। सरकार से मेरा निवेदन है कि ये जितने भी कानून हैं पुराने हैं सिर्फ एक मध्य निधेष का कानून नया आया है। जिस तरह से राज्य में शराबंदी की नीति लाई गई उसी तरह से कानून लाया जाए।
सम्राट चौधरी ने सरकार की तरफ से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से बड़ा ही स्पष्ट जवाब दिया गया है कि सरकार ने सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई की है। हेरोइन हो, स्मैक हो, ब्राउन शुगर हो, कोकीन हो या अफीम हो सबके खिलाफ विस्तार से जवाब दिया गया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इसके लिए अलग से एक यूनिट बनाया गया है। नारकोटिक्स डिपार्टमेंट बनाया गया है, जो पूरी तरह से इसपर कार्रवाई कर रहा है। सहरसा हो या बॉर्डर का पूरा इलाका उसकी पहचान की जा रही है, पूरी जांच कराई जा रही है। सीमा पर अगल से एक डीआईजी को प्रतिनियुक्त किया जा रहा है और नारकोटिक्स के लिए अलग से एक यूनिट स्थापित किया जा रहा है। सूखा नशा के खिलाफ सरकार हर हालत में कार्रवाई करेगी।