विदेश दौरा खत्म कर दिल्ली लौटे तेजस्वी यादव, पिता लालू प्रसाद से की मुलाकात, अब पटना वापसी का इंतजार

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश यात्रा से लौटकर भारत आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, करीब एक महीने की विदेश यात्रा के बाद तेजस्वी यादव दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की।

विदेश दौरा खत्म कर दिल्ली लौटे तेजस्वी यादव, पिता लालू प्रसाद से की मुलाकात, अब पटना वापसी का इंतजार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 06, 2026, 12:40:00 PM

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश यात्रा से लौटकर भारत आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, करीब एक महीने की विदेश यात्रा के बाद तेजस्वी यादव दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात दिल्ली में आरजेडी सांसद मीसा भारती के आवास पर हुई, जहां लालू प्रसाद यादव फिलहाल स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले महीने लालू प्रसाद यादव की आंखों की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से वे दिल्ली में ही रह रहे हैं। तेजस्वी यादव ने सोमवार रात को उनके पास पहुंचकर उनका हालचाल जाना और परिवार के साथ कुछ वक्त बिताया। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव फिलहाल एक से दो दिन दिल्ली में ही रुक सकते हैं। इस दौरान उनकी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। वहीं, सप्ताहांत तक उनके पटना लौटने के आसार हैं, जहां आरजेडी नेता और समर्थक उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

बता दें कि दिसंबर की शुरुआत में बिहार विधानसभा सत्र के दौरान तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई थी। सत्र के शुरुआती दो दिनों में वे सदन में मौजूद थे, लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण के दिन उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठे थे। इसके बाद यह दावा किया गया कि तेजस्वी अपनी पत्नी राजश्री यादव और बच्चों के साथ विदेश यात्रा पर निकल गए हैं, और यूरोप टूर पर हैं।

वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आरजेडी को मिली करारी हार के बाद पार्टी राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रही है। विपक्षी दलों द्वारा विधायकों की टूट का दावा किया जा रहा है। ऐसे में तेजस्वी यादव की सक्रिय राजनीति में वापसी को आरजेडी के लिए अहम माना जा रहा है। आने वाले एमएलसी, राज्यसभा और पंचायत चुनावों से पहले उनकी भूमिका पार्टी के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।