बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 11वां दिन हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। माहौल उस वक्त और गरमा गया जब एक बार फिर दिवंगत नेता राम विलास पासवान का मुद्दा सदन में उठाया गया।
जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के विधायक भाई वीरेंद्र ने मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा जवाब दिया। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।
हंगामा बढ़ता देख स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। तख्ती लेकर प्रदर्शन कर रहे विधायकों को शांत कराने के लिए स्पीकर ने मार्शलों को तख्तियां हटाने का निर्देश दिया। कुछ देर के लिए सदन का माहौल पूरी तरह शोर-शराबे में बदल गया।
दरअसल, यह पूरा विवाद उस बयान से जुड़ा है जिसमें राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने बीते दिनों राम विलास पासवान को लेकर तल्ख टिप्पणी की थी। इसी बयान को लेकर लोजपा (आर) के विधायक माफी की मांग पर अड़े हुए हैं। इससे पहले भी इस मुद्दे पर सदन में हंगामा हो चुका है और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।
आज भी विधायक बाबू लाल शौर्य ने कार्यवाही शुरू होने से पहले यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद फिर से सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। फिलहाल, राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।