बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद जनशक्ति जनता दल के संरक्षक और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहे हैं. तेज प्रताप ने साफ कहा कि चुनाव हारने के बाद वह टूटे नहीं बल्कि और मजबूत हुए हैं. उन्होंने कहा कि हार जीत लोकतंत्र का हिस्सा है और वह हताश नहीं हैं, बल्कि अब पहले से ज्यादा ऊर्जा के साथ राजनीति में काम कर रहे हैं.
तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की भावी रणनीति का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि जनशक्ति जनता दल न सिर्फ बिहार में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी संगठन का विस्तार कर रहा है. उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान लगातार चल रहा है और बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं.
तेज प्रताप यादव ने बताया कि वह खुद मैदान में उतरकर लोगों को सदस्यता दिलवा रहे हैं. पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने प्रदेश अध्यक्ष को भी सदस्यता दिलवाई और कहा कि पार्टी को ग्राउंड लेवल पर मजबूत करने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि दूसरी पार्टियों के लोग भी उनकी पार्टी में शामिल हो रहे हैं.
हाल ही में दिल्ली में भी तेज प्रताप की पार्टी ने अपना राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को मुख्य प्रवक्ता बनाया है. यह कदम पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.
तेज प्रताप यादव ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब बिहार से बाहर भी चुनाव लड़ेगी. उन्होंने बताया कि 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी उम्मीदवार उतारेगी. इसके साथ ही बंगाल चुनाव में भी जनशक्ति जनता दल हिस्सा लेगा.
तेज प्रताप यादव ने विपक्ष की भूमिका पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि बिहार में विपक्ष काफी कमजोर है और ऐसे में वह जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पूरे बिहार में यात्रा निकालेंगे और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे
बुलडोजर ऐक्शन पर भी तेज प्रताप यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकार बुलडोजर चलाती है तो उसके साथ व्यवस्था भी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गरीबों के घर तोड़ने से पहले सरकार को यह सोचना चाहिए कि ठंड के मौसम में उन लोगों को कहां रखा जाएगा. उन्होंने मांग की कि सरकार गरीबों को रहने की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराए