जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित होने वाले चूड़ा-दही भोज को लेकर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है, जिसमें सभी वर्गों और सभी राजनीतिक दलों के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।
तेज प्रताप यादव ने बताया कि जनशक्ति जनता दल की ओर से मकर संक्रांति के दिन, यानी 14 जनवरी को भव्य चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी पार्टी की ओर से औपचारिक रूप से निमंत्रण कार्ड भेजा जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और राज्य के दोनों उप मुख्यमंत्रियों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्योता दिया जाएगा।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि मकर संक्रांति हिंदू कैलेंडर के अनुसार एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे पारंपरिक रूप से चूड़ा, दही, गुड़ और तिलकुट के साथ मनाया जाता है। इसी सांस्कृतिक परंपरा को निभाते हुए जनशक्ति जनता दल की ओर से यह भोज आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन किसी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देने के लिए किया जा रहा है।
तेज प्रताप ने कहा, “हमारी पार्टी की ओर से सभी लोगों को निमंत्रण कार्ड दिए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी कार्ड दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी न्योता दिया जाएगा। राज्यपाल और डिप्टी सीएम को भी आमंत्रण भेजा जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि पूरे बिहार से जो भी लोग इस आयोजन में शामिल होना चाहते हैं, वे आ सकते हैं। यह भोज सभी के लिए खुला रहेगा। तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और इस आयोजन को सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।