महागठबंधन में दरार के संकेत! कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली में आलाकमान से लगाई गुहार

महागठबंधन में दरार के संकेत! कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली में आलाकमान से लगाई गुहार

महागठबंधन में दरार के संकेत! कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली में आलाकमान से लगाई गुहार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 22, 2026, 10:23:00 AM

झारखंड में महागठबंधन सरकार के गठन को एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है, और उससे पहले ही सत्ताधारी दलों के भीतर असंतोष के संकेत सामने आने लगे हैं। कांग्रेस के पांच विधायक एक साथ दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लगातार मुलाकातें कर संगठन और सरकार से जुड़े कई मुद्दे उठाए।

दिल्ली प्रवास के दौरान विधायकों ने पहले पार्टी के प्रदेश प्रभारी के. राजू से इंदिरा भवन में भेंट की और संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा की। इसके बाद मंगलवार शाम उन्होंने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में मंत्रिपरिषद के विस्तार, अन्य विधायकों को मंत्री बनाए जाने और लंबित बोर्ड-निगमों के गठन को लेकर खुलकर बात रखी गई।

दिल्ली पहुंचे कांग्रेस विधायकों में राजेश कच्छप, सुरेश बैठा, भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोंगारी और सोनाराम सिंकू शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं ने संगठन की मजबूती का हवाला देते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। विधायकों का तर्क था कि पार्टी की लंबे समय से सेवा करने वाले नेताओं को सरकार में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

बैठक के दौरान विधायकों ने कुछ मंत्रियों को लेकर भी असंतोष जाहिर किया। उनका कहना था कि चुनाव के समय पार्टी में शामिल हुए राधाकृष्ण किशोर को मंत्री बना दिया गया, जबकि वर्षों से संगठन के लिए काम करने वालों को नजरअंदाज किया गया। विधायकों ने किशोर को मंत्रिपद से हटाने की मांग भी रखी। इसके अलावा बंधु तिर्की और शिल्पी नेहा तिर्की को लेकर भी सवाल उठाए गए। उनका आरोप था कि एक ही परिवार के पास संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। उल्लेखनीय है कि बंधु तिर्की प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी पुत्री शिल्पी नेहा तिर्की राज्य सरकार में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री हैं।

विधायकों ने यह भी शिकायत की कि कई मंत्री जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनते, जिससे जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के भीतर मंत्रियों में बदलाव की मांग पिछले कुछ महीनों से उठ रही है और झामुमो भी इस पर संकेत दे चुका है, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व पर ही छोड़ा गया है।

सोना राम सिंकू ने कहा कि वे संगठनात्मक कार्यों को लेकर दिल्ली आए हैं और मंत्रिमंडल से जुड़ा विषय नेतृत्व के संज्ञान में है। “फैसला तो आलाकमान को ही करना है और वही सर्वमान्य होगा,” उन्होंने कहा।

वहीं सुरेश बैठा ने बताया कि दिल्ली दौरे का उद्देश्य संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की तारीखें तय करना था, जो अब 28 जनवरी को बुढमू, 29 को खेलारी और 30 जनवरी को कांके में होंगी। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि गठबंधन सरकार में सभी को अवसर मिलना चाहिए और बोर्ड-निगमों का गठन समय पर होना जरूरी है।

नमन विक्सल कोंगारी ने कहा कि दिल्ली में संगठन से जुड़े कई विषयों, पेसा कानून समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत होनी है और विधायकों का वरिष्ठ नेताओं के समक्ष अपनी बात रखना स्वाभाविक है।

इधर राजेश कच्छप ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि प्रदेश प्रभारी के. राजू और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ झारखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, विकास की रफ्तार और संगठन के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।