ग्रामीण विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित राशि जारी करने के लिए केंद्र सरकार से औपचारिक अनुरोध किया है। इस संबंध में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की। मुलाकात के दौरान उन्होंने बिहार को आवंटित धनराशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए एक विस्तृत आग्रह पत्र सौंपा।
बैठक में केंद्रीय मंत्री चौहान ने आश्वासन दिया कि ग्रामीण आबादी से जुड़ी योजनाओं पर सकारात्मक ढंग से विचार किया जाएगा और आवश्यक धनराशि जल्द जारी की जाएगी। राज्य सरकार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 को मिलाकर बिहार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12 लाख 21 हजार 247 आवासों का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से अब तक 11.35 लाख लाभार्थियों को प्रथम किस्त, 7.47 लाख को दूसरी किस्त तथा 3.27 लाख परिवारों को तीसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है।
हालांकि, राज्य नोडल खाते में उपलब्ध धन समाप्त होने की वजह से शेष किस्तों का भुगतान प्रभावित हो गया है। वर्तमान में 3.88 लाख लाभुक दूसरी किस्त और 4.20 लाख लाभुक तीसरी किस्त के लिए प्रतीक्षारत हैं।
विभाग का कहना है कि केंद्र से लंबित धनराशि उपलब्ध होने पर ही इन परिवारों को आगे की किस्तें दी जा सकेंगी।
इसके अतिरिक्त, ग्रामीण विकास मंत्री ने मनरेगा के अंतर्गत सामग्री मद में वित्तीय वर्ष 2025-26 समेत कुल 3257 करोड़ रुपये की अवशेष राशि भी जारी करने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार का मानना है कि इन लंबित मदों की स्वीकृति होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण और मनरेगा से जुड़े कार्यों की गति तेज होगी, जिससे रोजगार और बुनियादी ढांचा विकास को बढ़ावा मिलेगा।