पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाता नजर आ रहा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के एक बयान ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है।
अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘सांप’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि सांप आखिर सांप ही रहता है। वह चाहे आपका दिया हुआ दूध पी ले, केले खा ले, लेकिन अंत में वह आपको ही डंसता है। उनके इस बयान को भाजपा नेताओं ने अपमानजनक और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया।
अभिषेक बनर्जी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सांप नहीं, बल्कि ‘सपेरा’ है। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को सांप समझ रहे हैं, भाजपा आने वाले चुनावों में सभी का सफाया कर देगी। संजय सरावगी ने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह साफ हो जाएगी और भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अभी रणनीतिक रूप से सपेरे की भूमिका में है और सही समय आने पर जनता के समर्थन से सत्ता परिवर्तन होगा। हालांकि संजय सरावगी के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी तेज हो चुकी है। आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में यह जुबानी जंग और तीखी होने के आसार हैं।