बिहार की राजनीति में जीतन राम मांझी और उनके बेटे संतोष कुमार सुमन के बयान इस समय चर्चा का विषय बने हुए हैं। एनडीए में शामिल हम पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा राज्यसभा की एक सीट को लेकर दी गई चेतावनी पर अब खुद उनके बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने ही विराम लगा दिया है।
दरअसल, एक सप्ताह पहले जीतन राम मांझी ने पार्टी के एक कार्यक्रम में खुले मंच से भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर आने वाले राज्यसभा चुनाव में उन्हें एक सीट नहीं मिली तो पार्टी को एनडीए से बाहर निकलने पर विचार करना चाहिए। मांझी ने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्यसभा सीट देने का वादा किया था, लेकिन बाद में धोखा दिया गया। उन्होंने इसे आर-पार की लड़ाई तक बता दिया था।
लेकिन इस बयान के बाद उनके बेटे संतोष कुमार सुमन ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि राज्यसभा की सीट कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर खुले तौर पर चर्चा की जाए।
उन्होंने कहा कि “ऐसे थोड़े ही राज्यसभा की सीट मिल जाती है। ये सब आपसी सहमति और तालमेल से तय होता है। किसी एक व्यक्ति के कहने से कुछ नहीं होता।”
संतोष सुमन ने यह भी कहा कि एनडीए की यही ताकत है कि सभी फैसले आपस में बैठकर लिए जाते हैं और यही एकता विधानसभा चुनाव में बड़ी सफलता का कारण बनी।
बेटे के इस बयान के बाद जीतन राम मांझी के भी सुर बदले नजर आए। जब उनसे इस पूरे मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि संतोष कुमार क्या कह रहे हैं, यह उनकी आपसी बात है और इस पर मीडिया से चर्चा नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर पार्टी के अंदर बातचीत की जाएगी।