पटना में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बिहार प्रभारी परमानंद यादव और पुलिस के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई है। इस एनकाउंटर में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ मसौढ़ी थाना क्षेत्र में हुई, जहां STF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, परमानंद यादव किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की नीयत से पटना पहुंचा था।
बुधवार देर रात बेऊर थाना पुलिस ने कुछ बदमाशों को गिरफ्तार किया था, लेकिन इसी दौरान एक अपराधी पुलिस को चकमा देकर जहानाबाद की ओर भाग निकला। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि फरार अपराधी की पहचान परमानंद यादव के रूप में हुई, जिसके बाद STF की टीम ने उसका पीछा शुरू किया।
करीब 20 किलोमीटर तक चले हाई-स्पीड चेज के बाद गुरुवार तड़के लगभग 4 बजे मसौढ़ी इलाके में पुलिस ने उसे घेर लिया। पुलिस ने बाइक रोकने का इशारा किया, लेकिन परमानंद तेज रफ्तार में भागने लगा। इसी दौरान उसकी बाइक फिसल गई और वह सड़क पर गिर पड़ा। खुद को घिरा देख उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक गोली उसके पैर में लगी।
इस मुठभेड़ में कुल तीन राउंड गोलियां चलीं, हालांकि किसी भी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
बताया जा रहा है कि परमानंद यादव लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी है और बिहार-झारखंड में गैंग के नेटवर्क को संभालता था। उस पर हत्या, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट सहित 24 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। उसके झारखंड के राहुल सिंह गैंग से भी संबंध बताए जा रहे हैं और वह विदेश यात्रा भी कर चुका है।
फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ की तैयारी में है और इस कार्रवाई को गैंगवार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।