जीतन राम मांझी का वीडियो वायरल, मैंने 2700 वोट से हारते उम्मीदवार को DM से कहकर जितवाया... अगर वो मुझसे कहते तो

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें पांच पर उसकी जीत हुई.

जीतन राम मांझी का वीडियो वायरल, मैंने 2700 वोट से हारते उम्मीदवार को DM से कहकर जितवाया... अगर वो मुझसे कहते तो
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 19, 2025, 9:22:00 AM

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने कुल छह सीटों पर चुनाव लड़ा, जिनमें से पांच सीटों पर पार्टी को जीत मिली। पार्टी को केवल एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा और वह सीट थी गया जिले की टिकारी विधानसभा सीट। टिकारी से HAM प्रत्याशी अनिल कुमार को 2058 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।

हालांकि, टिकारी सीट को लेकर जीतन राम मांझी का एक बयान इन दिनों राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। दरअसल, मांझी ने हाल ही में गयाजी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 2020 के विधानसभा चुनाव को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि 2020 में जब अनिल कुमार टिकारी सीट से चुनाव लड़ रहे थे, तब मतगणना के दौरान वे हार की स्थिति में थे और उन्होंने मदद के लिए मांझी से संपर्क किया था।

मांझी के अनुसार, 2020 के चुनाव में अनिल कुमार करीब 2700 वोटों से पीछे चल रहे थे। उस समय उन्होंने मांझी से पूछा था कि क्या कोई उपाय संभव है। मांझी ने दावा किया कि उन्होंने उस वक्त प्रयास किया, जिसके बाद री-काउंटिंग हुई और अनिल कुमार 2630 वोटों से चुनाव जीत गए।

मांझी ने कहा कि इस बार की हार उन्हें इसलिए ज्यादा खल रही है क्योंकि 2024 के चुनाव में अनिल कुमार केवल 1600 वोटों से पीछे थे। उन्होंने कहा, “अगर वह इस बार भी मुझसे कहे होते तो शायद स्थिति कुछ और होती। लेकिन उन्होंने मुझसे बात ही नहीं की और मैदान छोड़कर घर चले गए।”

अपने बयान में मांझी ने यह भी कहा कि 2020 के समय गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह थे, जो इस समय त्रिपुरा में तैनात हैं। मांझी का दावा है कि अभिषेक सिंह ने खुद उन्हें फोन कर बताया था कि वे 2700 वोटों से पीछे थे लेकिन उन्हें जिता दिया गया।

मांझी के इस बयान के बाद 2020 के विधानसभा चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।