उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के भीतर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. आरएलएम के चार में से तीन विधायक नाराज हैं और खुलकर अपनी नाराजगी भी जाता रहे हैं. नाराज विधायक एक बार फिर से एक साथ एक फ्रेम में नजर आ रहे हैं.
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में टूट के बाद उनके विधायक रामेश्वर महतो ने विधायक माधव आनंद और आलोक सिंह के साथ अपनी तस्वीर साझा की है। इसके साथ ही लिखा है कि 'हम सब एकजुट हैं, आज भी साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे। एनडीए की मजबूती और बिहार के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ हम साथ-साथ हैं। जय एनडीए।'
इस पोस्ट में कही भी उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा का या आरएलएम का जिक्र नहीं किया है और एनडीए की एकता की बात कही है।
रामेश्वर महतो की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई लोगों ने इस पोस्ट को उपेंद्र कुशवाहा से दूरी बनाने के संकेत के तौर पर देखा और रामेश्वर महतो को खुलकर चेतावनी और सलाह दी।
दरअसल RLM के तीनों विधायक चाहते हैं कि उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे दीपक प्रकाश का नीतीश मंत्रिमंडल से इस्तीफा करा कर किसी दूसरे विधायक को मंत्री पद सौंपे और दीपक प्रकाश संगठन में काम करें. इसी को उपेंद्र कुशवाहा की तरफ से भूल सुधार की मांग के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन, जो सूत्र बताते हैं उसके मुताबिक ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता और उपेंद्र कुशवाहा किसी भी कीमत पर इन नाराज विधायकों के दबाव में अपना कदम पीछे नहीं खींच सकते और दीपक प्रकाश को मंत्री पद से इस्तीफा नहीं कराएंगे.
ऐसे में नए साल में भी ये तनातनी जारी रहेगी. हालांकि ये विधायक दूसरे किसी पार्टी में या बीजेपी, जेडीयू में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं. लेकिन, इन तीनों की एकजुटता और नाराजगी उपेंद्र कुशवाहा को परेशान कर रही है.