हिजाब विवाद: दोस्त का दावा—20 दिसंबर को नौकरी जॉइन करेंगी नुसरत, CM से नाराज़ नहीं, लेकिन जो हुआ वो गलत

मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के हिजाब से जुड़े मामले ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच यह साफ हो गया है कि डॉ. नुसरत परवीन की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कोई नाराजगी नहीं है और वह अपनी सरकारी नौकरी जॉइन करने जा रह

हिजाब विवाद: दोस्त का दावा—20 दिसंबर को नौकरी जॉइन करेंगी नुसरत, CM से नाराज़ नहीं, लेकिन जो हुआ वो गलत
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 19, 2025, 5:06:00 PM

मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के हिजाब से जुड़े मामले ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच यह साफ हो गया है कि डॉ. नुसरत परवीन की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कोई नाराजगी नहीं है और वह अपनी सरकारी नौकरी जॉइन करने जा रही हैं।

राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के प्रिंसिपल प्रोफेसर (डॉ.) मोहम्मद महफजुर रहमान ने इस बात की पुष्टि की है कि डॉ. नुसरत परवीन 20 दिसंबर को अपनी नौकरी जॉइन करेंगी। उन्होंने बताया कि नुसरत की अपनी एक दोस्त से बातचीत हुई है, जिसमें उसने साफ कहा है कि वह मुख्यमंत्री से नाराज नहीं है और जॉइनिंग को लेकर फैली अटकलें निराधार हैं। हालांकि, जॉइनिंग का समय अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

दरअसल, 15 दिसंबर को पटना में आयोजित जॉइनिंग लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब हल्के से सरका दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत दायरे में दखल बताते हुए नाराजगी जाहिर की।

डॉ. नुसरत परवीन को पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने बताया कि वह पढ़ाई में बेहद होशियार रही हैं और हमेशा नियमित रूप से कॉलेज आती थीं। पिछले करीब सात वर्षों से वह हिजाब में ही कॉलेज आती रही हैं और आज तक कॉलेज में किसी ने उनका चेहरा नहीं देखा। उन्होंने यहीं से यूजी किया है और फिलहाल पीजी कर रही हैं, जिसमें उनका अभी एक साल बाकी है।

टीचर के अनुसार, जब नुसरत को जॉइनिंग से जुड़ा मैसेज मिला था, तो वह बेहद खुश थीं और अपने भविष्य को लेकर कई सपने देख रही थीं। लेकिन इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से आहत हुई हैं और पिछले चार दिनों से कॉलेज नहीं आई हैं। हालांकि, शिक्षक का मानना है कि जो हुआ वह इंटेंशनली नहीं था, लेकिन ऐसा होना भी सही नहीं कहा जा सकता।

पटना के कदमकुआं इलाके में स्थित राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल यूनानी चिकित्सा का एक प्रमुख केंद्र है। यहां बीयूएमएस की पढ़ाई होती है और अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डॉ. नुसरत परवीन यहीं अपनी पढ़ाई के साथ प्रैक्टिस भी कर रही हैं।