बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र देने के दौरान महिला के चेहरे से हिजाब हटाने के मामले पर सियासी बयानबाजी जारी है. अब इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने कोई गलत काम नहीं किया. अगर कोई नियुक्ति पत्र लेने जा रहा है या जा रही हो, क्या वह चेहरा नहीं दिखाएंगे. ये कोई इस्लामिक देश है क्या. नीतीश ने एक गार्जियन की हैसियत से ये किया है. आप पासपोर्ट लेने या एयरपोर्ट पर जाते हैं तो क्या चेहरा नहीं दिखाते. भारत में कानून का राज चलेगा, नीतीश कुमार जी ने ठीक किया. जब उन्हें बताया गया उक्त महिला के नौकरी ज्वाइन न करने की खबरें हैं. वह नौकरी को रिफ्यूज कर रही हैं. इस पर गिरिराज ने कहा कि वह रिफ्यूज करें या जहन्नूम जाएं.
इससे पहले नीतीश को लेकर यूपी के मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने भी ऐसा बयान दिया था कि उन्हें सफाई देनी पड़ी थी. उन्होंने कहा था कि अगर कहीं और छू देते तो क्या हो जाता. इसके बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के मंत्रियों ने बिना शर्त माफी मांगने की मांग की थी.इसके बाद संजय निषाद ने सफाई दी थी कि मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया. बयान को गलत समझा गया. शोर-शराबे और अनुवाद में उसका असली मतलब खो गया.
दरअसल, सोमवार को CM नीतीश कुमार आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक महिला डॉक्टर नुसरत को पहले तो नियुक्ति पत्र दे दिया। इसके बाद उसे देखने लगे। महिला भी मुख्यमंत्री को देखकर मुस्कुराई।
CM ने हिजाब की ओर इशारा करते हुए पूछा कि ये क्या है जी। महिला ने जवाब दिया, हिजाब है सर। CM ने कहा कि हटाइए इसे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथ से महिला का हिजाब हटा दिया।
इस दौरान डिप्टी CM सम्राट चौधरी नीतीश कुमार को रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए। हिजाब हटाने से महिला थोड़ी देर के लिए असहज हो गई। आसपास मौजूद लोग हंसने लगे।