JDU में आरसीपी सिंह की ‘घर वापसी’ पर पूर्ण विराम, पार्टी नेताओं ने किया साफ इनकार

JDU में आरसीपी सिंह की ‘घर वापसी’ पर पूर्ण विराम, पार्टी नेताओं ने किया साफ इनकार

JDU में आरसीपी सिंह की ‘घर वापसी’ पर पूर्ण विराम, पार्टी नेताओं ने किया साफ इनकार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 21, 2026, 1:19:00 PM

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी की अटकलों पर पार्टी ने स्पष्ट संदेश दे दिया है। जनता दल (यूनाइटेड) के शीर्ष नेता इस मुद्दे पर एकमत नजर आ रहे हैं कि आरसीपी सिंह के लिए पार्टी के दरवाजे बंद हैं। पहले केंद्रीय मंत्री और जेडीयू सांसद ललन सिंह ने उनकी संभावित एंट्री को सिरे से खारिज किया था, और अब पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता ने भी उसी रुख को दोहरा दिया है।

दरअसल, हाल ही में आरसीपी सिंह के एक बयान से बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई थी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपने पुराने संबंधों का हवाला देते हुए कहा था कि वह कभी वास्तव में जेडीयू से अलग हुए ही नहीं। जब उनसे पार्टी में वापसी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाब दिया था कि इसका फैसला समय करेगा। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में उनकी घर वापसी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

हालांकि इन अटकलों पर विराम लगाते हुए जेडीयू सांसद ललन सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा था कि जिन लोगों ने पार्टी को कमजोर किया, उनके लिए जेडीयू में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने याद दिलाया था कि जेडीयू की सीटें एक समय 72 से घटकर 42 तक पहुंच गई थीं, लेकिन पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं और जनता के भरोसे नीतीश कुमार ने इसे फिर से 85 सीटों तक पहुंचाया। ऐसे में, पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों की वापसी का कोई औचित्य नहीं है।

अब बिहार सरकार में जेडीयू कोटे से परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने भी आरसीपी सिंह को लेकर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहले नीतीश कुमार की सेहत और नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए, वही आज पार्टी में लौटने को उतावले नजर आ रहे हैं। श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि आरसीपी सिंह जिस राजनीतिक मंच पर गए थे, वहां से नीतीश कुमार को ‘फिनिश’ करने की बातें की जा रही थीं।

उन्होंने यह भी कहा कि आरसीपी सिंह ने पहले अपनी अलग पार्टी बनाई, लेकिन जब वह राजनीतिक रूप से सफल नहीं हो सकी, तो वे दूसरी पार्टी में चले गए। श्रवण कुमार के अनुसार, नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू ने जब 85 सीटें हासिल कीं, तो विपक्ष पूरी तरह कमजोर हो गया। ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि आरसीपी सिंह किस विचारधारा और उद्देश्य के साथ जेडीयू में लौटना चाहते हैं।