बिहार में मॉब लिंचिंग पर एजाज अहमद का तीखा बयान, अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की मांग

बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत

बिहार में मॉब लिंचिंग पर एजाज अहमद का तीखा बयान, अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की मांग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 14, 2025, 1:28:00 PM

बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। आज बिहार में हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों से धर्म और जाति पूछकर मॉब लिंचिंग जैसी अमानवीय घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

एजाज अहमद ने नवादा की दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि फेरी लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले अतहर हुसैन के साथ जिस तरह धर्म पूछकर बेरहमी से मारपीट की गई, वह मानवता को शर्मसार करने वाली है। निर्दोष व्यक्ति को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसकी जान चली गई। यह घटना न केवल हृदयविदारक है बल्कि बिहार में कानून के राज पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद सरकार और प्रशासन खामोश क्यों हैं। एजाज अहमद ने कहा कि सरकार की चुप्पी यह साफ दर्शाती है कि बिहार में किस तरह का शासन चल रहा है। अपराधियों में अब पुलिस और प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। जिस बेखौफ अंदाज में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, उससे स्पष्ट है कि राज्य में कानून का राज पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह महसूस हो रहा है कि जब “सैंया ही कोतवाल” हैं, तो डर किस बात का। यही वजह है कि इंसान और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

एजाज अहमद ने सरकार से मांग की कि मॉब लिंचिंग में शामिल सभी अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाए और उनके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी सजा एक नजीर बने, ताकि लोगों में कानून का भय कायम रहे और भविष्य में कोई भी इस तरह की अमानवीय घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।