बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन पुलिसकर्मियों को हथियार चलाना नहीं आता, वे छुट्टी लेकर घर चले जाएं। इस बयान को लेकर सियासत तेज हो गई है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में कानून का राज है और यहां हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी सेवा में हैं, उन्हें अपने दायित्वों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि कानून के तहत सभी को काम करना है और व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत जरूर है, लेकिन केवल बयानबाजी से हालात नहीं बदलते। जरूरी है कि हर अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा के साथ निभाए, तभी कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।
वहीं, नीट छात्रा के साथ हुए रेप मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस मामले में जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता से अपना काम कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और गंभीर है।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर पीड़िता को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके साथ ही तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि इसका कोई खास मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी में नेतृत्व पहले से ही एक ही परिवार में तय है, तो फिर औपचारिक ताजपोशी की क्या जरूरत।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “राजा का बेटा राजा बनेगा, यह पहले से तय है। ऐसे में पद देना केवल दिखावा भर है।”