CM नीतीश की हाई लेवल समीक्षा बैठक, कई विभागों के शीर्ष अधिकारी और मंत्री मौजूद

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यानी मंगलवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि विकास उनके एजेंडा का पहला और अंतिम मुद्दा है।

CM नीतीश की हाई लेवल समीक्षा बैठक, कई विभागों के शीर्ष अधिकारी और मंत्री मौजूद
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 10, 2025, 12:07:00 PM

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यानी मंगलवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि विकास उनके एजेंडा का पहला और अंतिम मुद्दा है। प्रगति यात्रा के दौरान किए गए वादों और घोषणाओं की धरातली प्रगति की समीक्षा के लिए यह बड़ी बैठक शुरू हो चुकी है, जिसमें कई विभागों के शीर्ष अधिकारी और मंत्री मौजूद हैं

समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया कि सरकार अब विकास योजनाओं पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक की शुरुआत में ही अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रगति यात्रा में सामने आई खामियों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जनता की उम्मीदें बड़ी हैं और काम उसी रफ्तार से होना चाहिए।

बैठक में सभी जिलों के डीएम ऑनलाइन जुड़े थे। मुख्यमंत्री ने एक-एक जिले की प्रगति रिपोर्ट पर सवाल उठाए और कई जगह असंतोष भी व्यक्त किया। उनका संदेश सीधा था—“कागज पर प्रगति दिखाना आसान है, असली काम जमीन पर दिखना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया। शिक्षा विभाग से सवाल किया कि कई जिलों में स्कूलों की मरम्मत और सुविधाओं के उन्नयन का काम धीमा क्यों है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पतालों में दवा और स्टाफ की कमी किसी भी हाल में नहीं रहनी चाहिए। सड़क विभाग को कड़ा संदेश दिया गया कि जहां भी काम रुका है, तुरंत कार्रवाई करके काम पूरा कराया जाए।

नीतीश कुमार ने अधिकारियों से कहा—“लोगों को राहत मिले, यह हमारी पहली प्राथमिकता है। अगर कहीं शिकायतें बढ़ रही हैं, तो इसका मतलब है कि निगरानी कमजोर है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी योजना में देरी होने की स्थिति में जिम्मेदारी तय होगी और संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।

बैठक में मंत्रियों ने भी अपने-अपने विभागों की स्थिति प्रस्तुत की। कुछ विभागों की रिपोर्ट संतोषजनक रही, लेकिन जिन क्षेत्रों में काम धीमा था, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रगति यात्रा सिर्फ औपचारिकता नहीं है। यह लोगों की असली समस्याओं और सुझावों को समझने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि अब हर योजना की गहन समीक्षा होगी—कहाँ दिक्कत है, क्यों है, और कब तक ठीक होगी। अधिकारियों को निरंतर निगरानी बनाए रखने और समय-समय पर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। सरकार अब केवल रिपोर्टों पर भरोसा नहीं करेगी; काम की वास्तविक जमीन पर स्थिति तय करेगी।

बैठक के दौरान यह भी तय हुआ कि आने वाले महीनों में हर जिले में योजनाओं का पूरा डेटा, लाभार्थियों की स्थिति और समस्याओं की पूरी जानकारी केंद्र सरकार को भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे हर परियोजना की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने दोबारा याद दिलाया—“समय पर काम पूरा होना जरूरी है। योजनाएँ जनता के लिए हैं और उनका लाभ बिना देरी के लोगों तक पहुँचना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”

बैठक से यह साफ संदेश निकलता है कि सरकार अब विकास योजनाओं की गति और गुणवत्ता दोनों पर कड़ा ध्यान देगी। अधिकारियों और मंत्रियों को भी समझ आ गया है कि रिपोर्ट केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर काम की वास्तविक स्थिति से तय होगी।

इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब राज्य में विकास का नया मोड़ आने वाला है। योजनाओं की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त होगी, काम की गति तेज होगी और जनता को परिणाम तुरंत दिखाई देंगे।