पटना से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है।जदयू के भीतर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग लगातार तेज़ होती जा रही है। पहले जहां यह मांग कुछ संगठनों तक सीमित थी, वहीं अब पार्टी के विधायक, मंत्री और वरिष्ठ नेता भी खुलकर इस मुद्दे पर सामने आ गए हैं।
हाल ही में पटना के गर्दनीबाग में मुकुंद सेना के कार्यकर्ताओं ने 12 घंटे की भूख हड़ताल की। संगठन के अध्यक्ष मुकुंद कुमार ने चेतावनी दी कि अगर निशांत कुमार को राजनीति में लाने पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो जेपी गोलंबर पर 24 घंटे का बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस बीच कांटी से जेडीयू विधायक अजीत कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपना पूरा जीवन समाज और बिहार की सेवा में समर्पित कर दिया है, अब समय आ गया है कि निशांत कुमार पार्टी और प्रदेश के भविष्य की जिम्मेदारी संभालें। विधायक ने कहा कि निशांत युवा हैं, इंजीनियर हैं और उनके पास बिहार के विकास को लेकर स्पष्ट सोच और विजन है। उनके राजनीति में आने से कार्यकर्ताओं में नया जोश और ऊर्जा आएगी।
सिर्फ विधायक ही नहीं, बल्कि सरकार के मंत्री भी इस मांग का समर्थन कर रहे हैं। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पार्टी के अधिकांश नेता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि निशांत राजनीति में कदम रखें, हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और निशांत कुमार को ही लेना है।
वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा ने भी कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाएं स्पष्ट हैं और पार्टी का हर सदस्य चाहता है कि निशांत कुमार जल्द अपने राजनीतिक भविष्य पर निर्णय लें।
अब सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार इस बढ़ते दबाव को स्वीकार करेंगे, और क्या निशांत कुमार बिहार की राजनीति में नई पारी की शुरुआत करेंगे? इस पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हैं।