बिहार विधान परिषद में आज उस वक्त हंगामा मच गया जब मंत्री अशोक चौधरी और एमएलसी सुनील कुमार सिंह आमने-सामने भिड़ गए। सदन की कार्यवाही के दौरान सुनील सिंह ने अशोक चौधरी की डिग्री को नकली बताते हुए गंभीर आरोप लगा दिया। आरोप सुनते ही अशोक चौधरी का गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने सदन में ऊंची आवाज में कहा, “अगर सुनील सिंह मेरी डिग्री को नकली साबित कर दें तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं, लेकिन अगर साबित नहीं कर पाए तो उन्हें खुद इस्तीफा देना होगा।” मंत्री के इस तेवर से सदन का माहौल गरमा गया।
स्थिति बिगड़ती देख बीच-बचाव के लिए मंत्री विजय चौधरी खड़े हुए। उन्होंने कहा, “बिना दस्तावेज के किसी पर आरोप लगाना नियमों के खिलाफ है। ऐसे आरोपों को सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।”
हालांकि सुनील सिंह अपने आरोपों पर कायम रहे। उन्होंने कहा, “एक अधिकारी ने पत्र लिखकर रिश्वत मांगे जाने की बात कही है। इससे जुड़े दस्तावेज मैं सदन के पटल पर रखूंगा।”
इस पर अशोक चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा, “सुनील कुमार सिंह का उद्देश्य सवाल का जवाब लेना नहीं, बल्कि मुझे टारगेट करना है। उनकी समझने-बूझने की व्यवस्था गड़बड़ा गई है।”
इधर, बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन भी सियासी बयानबाज़ी तेज रही। जदयू विधायक विनय चौधरी ने कहा, “जनता ने राजद का इलाज कर दिया है।” उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “तेजस्वी यादव डोलते-डोलते सदन में आए थे। पैर में चोट लगने के बाद कोई इस तरह नहीं चलता। हमने मेडिकल जांच की बात कही, लेकिन वे भाग गए।”
सदन के भीतर आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाज़ी के बीच राजनीतिक तापमान लगातार चढ़ा रहा।