“बिहार में भूमि माफियाओं पर बड़ा एक्शन: बेतिया राज की हजारों एकड़ जमीन होगी अतिक्रमण मुक्त”

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर नीतीश सरकार ने जमीन मामले में बड़ा और सख्त फैसला लिया है। बेतिया राज की जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा कर बैठे लोगों के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई शुरू होने जा रही है

“बिहार में भूमि माफियाओं पर बड़ा एक्शन: बेतिया राज की हजारों एकड़ जमीन होगी अतिक्रमण मुक्त”
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 29, 2025, 5:34:00 PM

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर नीतीश सरकार ने जमीन मामले में बड़ा और सख्त फैसला लिया है। बेतिया राज की जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा कर बैठे लोगों के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई शुरू होने जा रही है। पूर्वी चंपारण जिले में बेतिया राज की करीब सात हजार छह सौ एकड़ से अधिक जमीन को प्रशासन ने चिन्हित कर लिया है, जिसे अब हर हाल में खाली कराया जाएगा।

 इस जमीन पर फर्जी जमाबंदी कर मालिक बने बैठे लोगों की बेचैनी साफ तौर पर बढ़ गई है, क्योंकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।

जिला प्रशासन ने उन सभी लोगों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्होंने बेतिया राज की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाए हैं, दुकानें खड़ी की हैं या बड़े स्तर पर व्यावसायिक निर्माण कर रखा है। अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि अतिक्रमणकारियों की पहचान कर तुरंत नोटिस जारी करें और जमीन को खाली कराने की कार्रवाई शुरू करें। कुछ अंचलों में सीओ स्तर से नोटिस भेजने की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।

पूर्वी चंपारण जिले के 26 अंचलों में से 17 अंचलों में बेतिया राज की जमीन की मापी और जांच पूरी कर ली गई है। जांच में यह सामने आया है कि जिले में ऐसे कई बड़े भू-खंड हैं, जहां एक ही स्थान पर सौ एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। प्रशासन के मुताबिक बेतिया राज की सबसे अधिक जमीन सदर प्रखंड और रामगढ़वा प्रखंड में पाई गई है, जहां वर्षों से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण चला आ रहा था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सिर्फ पूर्वी चंपारण जिले में ही करीब छह हजार से अधिक लोग ऐसे हैं, जिन्होंने फर्जी कागजात तैयार कर बेतिया राज की जमीन पर जमाबंदी करवा रखी है। इनमें केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि अधिकारी, नेता, डॉक्टर, इंजीनियर, ठेकेदार और अन्य प्रभावशाली लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। अब इन सभी की जमाबंदी की दोबारा जांच होगी और जहां भी फर्जीवाड़ा पाया जाएगा, वहां रिकॉर्ड को रद्द किया जाएगा।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने नोटिस मिलने के बाद भी जमीन खाली नहीं की, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर भी चलाया जाएगा। सरकार का कहना है कि बेतिया राज की जमीन सरकारी संपत्ति है और इस पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लंबे समय से बेतिया राज की जमीन पर कब्जा कर मालिक बने बैठे लोगों से अब जमीन वापस ली जाएगी। यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले में की जाएगी और किसी भी स्तर पर दबाव या सिफारिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। नीतीश सरकार के इस फैसले को बिहार में भूमि सुधार की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य पूरी तरह स्पष्ट है—बेतिया राज की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना, सरकारी संपत्ति को वापस लेना और यह संदेश देना कि बिहार में अब जमीन माफियाओं और फर्जीवाड़े के दिन खत्म हो चुके हैं।