By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Feb 07, 2026, 8:55:00 AM
बिहार बोर्ड ने मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 को पूरी तरह कदाचारमुक्त, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में संपन्न कराने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा।
समिति ने स्पष्ट किया है कि इस नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है और जूता-मोजा पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी स्थिति में परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक दोनों पालियों में होगी। इसमें कुल 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
साथ ही परीक्षा में विलंब से पहुंचकर चहारदीवारी फांदने या किसी भी अवैध तरीके से परीक्षा केंद्र में प्रवेश पर भी इंटर परीक्षा की तरह ही मैट्रिक में भी रोक रहेगा। ऐसा करने पर दो वर्ष तक परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा और अवैध प्रवेश पर प्राथमिकी होगी। यदि किसी केंद्राधीक्षक द्वारा ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है, तो उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों व जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
समिति ने निर्देश दिया है कि दोनों पालियों की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के आधे घंटे पूर्व केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए अधिकतम नौ बजे तक केंद्र में प्रवेश करना होगा। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शुरू होगी और 1:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी।