भागलपुर में सुनवाई के दौरान DCLR पर भड़के विजय सिन्हा बोले- रिटायरमेंट से पहले ही VRS दिलवा दूंगा

बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने सोमवार को अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है।

भागलपुर में सुनवाई के दौरान DCLR पर भड़के विजय सिन्हा बोले- रिटायरमेंट से पहले ही VRS दिलवा दूंगा
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 05, 2026, 3:23:00 PM

बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने सोमवार को अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों को काम करने है तो उनके हिसाब से काम करना होगा। वरना वो नौकरी छोड़ दें। विजय सिन्हा ने अधिकारियों को कहा कि, अगर वो उनके हिसाब से काम नहीं कर सकते हैं तो फिर VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) ले लें और घर बैठें।

कार्यक्रम में पहुंचे एक फरियादी ने भावुक होकर बताया कि वह एक गरीब परिवार से आता है। सरकार की ओर से उसे रहने के लिए आवास और जमीन आवंटित की गई है, लेकिन उस जमीन पर स्थानीय भू-माफिया ने जबरन कब्जा जमा लिया है। फरियादी का आरोप था कि जब भी वह अपनी जमीन पर रहने जाता है, तो भू-माफिया उसे जान से मारने की धमकी देता है। शिकायतकर्ता ने कहा, “वे लोग कहते हैं कि अगर इस जमीन पर दोबारा आए तो गोली मार देंगे।

फरियादी ने यह भी आरोप लगाया कि उसने कई बार इस मामले की शिकायत अंचल कार्यालय में की, लेकिन अंचल अधिकारी ने उसकी कोई मदद नहीं की। बल्कि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि अंचल अधिकारी भू-माफिया के संपर्क में हैं और जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। फरियादी ने कहा कि वह न्याय की उम्मीद में लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही।

फरियादी की बात सुनकर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा गंभीर हो गए। उन्होंने पहले पूरे मामले को ध्यान से सुना और फिर संबंधित अंचल अधिकारी से जवाब मांगा। इस पर अंचल अधिकारी ने कहा कि यह मामला कोर्ट से जुड़ा हुआ है, इसलिए अंचल स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

अंचल अधिकारी का यह जवाब सुनते ही विजय सिन्हा नाराज हो गए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोर्ट का मामला बताकर गरीब को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। इसके बाद उन्होंने तत्काल संबंधित डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) को तलब किया और निर्देश दिया कि वे पूरे मामले को गंभीरता से देखें, सभी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को समझें और 15 दिनों के भीतर इसका समाधान सुनिश्चित करें।