बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर हुआ बड़ा फैसला, राज्‍य निर्वाचन आयोग ने मतदान और आरक्षण पर स्‍पष्‍ट की स्‍थि‍त‍ि

बिहार में पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा फैसला हुआ है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से बड़ा ऐलान किया गया है, जिससे पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों और अफवाहों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है।

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर हुआ बड़ा फैसला, राज्‍य निर्वाचन आयोग ने मतदान और आरक्षण पर स्‍पष्‍ट की स्‍थि‍त‍ि
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 17, 2025, 6:25:00 PM

बिहार में पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ा फैसला हुआ है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से बड़ा ऐलान किया गया है, जिससे पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों और अफवाहों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि पंचायत आम चुनाव 2026 समय पर कराए जाएंगे और पूरी प्रक्रिया संविधान और कानून के तय प्रावधानों के तहत ही होगी। सोशल मीडिया के जरिए यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि पंचायत चुनाव तय समय से पहले कराए जा सकते हैं या फिर आरक्षण को लेकर स्थिति बदल चुकी है, लेकिन अब राज्य निर्वाचन आयोग ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक पिछला पंचायत आम चुनाव वर्ष 2021 में कराया गया था। उस चुनाव के बाद नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण दिसंबर 2021 के अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी 2022 के पहले सप्ताह के बीच हुआ था। इसका सीधा अर्थ यह है कि मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। इसी वजह से पंचायत आम चुनाव 2026 कार्यकाल समाप्त होने से पहले और नियत समय पर ही कराए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले चुनाव कराने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

मतदान प्रक्रिया को लेकर भी आयोग ने स्थिति साफ कर दी है। पंचायत आम चुनाव 2026 में मतदान मल्टी पोस्ट ईवीएम के जरिए ही कराया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी सरपंच और पंच जैसे सभी पदों के लिए एक साथ मतदान होगा। आयोग का कहना है कि मल्टी पोस्ट ईवीएम से चुनाव कराने का निर्णय राज्य सरकार की नीति के अनुसार पहले से तय है और इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पंचायत चुनाव से जुड़ा सबसे अहम मुद्दा आरक्षण का है। इसको लेकर भी राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ शब्दों में स्थिति स्पष्ट कर दी है। आयोग ने कहा है कि पंचायत आम चुनाव 2026 से पहले ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी के सभी पदों का आरक्षण तय किया जाएगा। बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धाराओं के अनुसार ग्राम पंचायत सदस्य और मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी सरपंच और पंच के पदों का आरक्षण चुनाव से पहले पूरा किया जाना अनिवार्य है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिहार पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत दो क्रमिक चुनावों के बाद पदों का आरक्षण बदला जाना जरूरी होता है। इसी नियम के तहत वर्ष 2016 में पंचायत आम चुनाव से पहले आरक्षण का कार्य किया गया था और उसी आरक्षण के आधार पर वर्ष 2016 और 2021 में पंचायत चुनाव कराए गए थे। अब चूंकि दो क्रमिक चुनाव पूरे हो चुके हैं, इसलिए पंचायत आम चुनाव 2026 से पहले नए सिरे से आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग ने कहा है कि आरक्षण का यह कार्य समय रहते कर लिया जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की कानूनी या प्रशासनिक अड़चन न आए।

राज्य निर्वाचन आयोग ने आम लोगों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि पंचायत चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर भरोसा न करें। पंचायत आम चुनाव से जुड़ी सही और आधिकारिक जानकारी केवल राज्य निर्वाचन आयोग के माध्यम से ही जारी की जाएगी। आयोग का कहना है कि पंचायत चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे कानून के दायरे में रहकर ही पूरा किया जाता है। न तो चुनाव के समय में मनमाना बदलाव किया जा सकता है और न ही आरक्षण की प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जा सकता है।

इस प्रेस विज्ञप्ति के जरिए राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ संदेश दिया है कि पंचायत आम चुनाव 2026 तय समय पर होंगे, ईवीएम से होंगे और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह कानून के अनुसार पूरी की जाएगी। कुल मिलाकर, आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर फैली सभी अफवाहों पर स्थिति स्पष्ट कर दी है और लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें