पोकरण के आसमान में गूंजेगी वायुसेना की गर्जना, ‘वायुशक्ति-26’ में राफेल-तेजस समेत कई फाइटर जेट करेंगे दमखम का प्रदर्शन

पोकरण के आसमान में गूंजेगी वायुसेना की गर्जना, ‘वायुशक्ति-26’ में राफेल-तेजस समेत कई फाइटर जेट करेंगे दमखम का प्रदर्शन

पोकरण के आसमान में गूंजेगी वायुसेना की गर्जना, ‘वायुशक्ति-26’ में राफेल-तेजस समेत कई फाइटर जेट करेंगे दमखम का प्रदर्शन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 12, 2026, 12:01:00 PM

राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित पोकरण फायरिंग रेंज एक बार फिर भारतीय वायुसेना की ताकत का गवाह बनने जा रही है। 27 फरवरी को पोकरण एयर टू ग्राउंड रेंज में भारतीय वायुसेना का बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति-26’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और हथियार प्रणालियां शामिल होंगी।

इस अभ्यास के दौरान पोकरण के आसमान में राफेल, तेजस, सुखोई, मिराज और जगुआर जैसे फाइटर जेटों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी। साथ ही, रिमोटली ऑपरेटेड हेलीकॉप्टर भी इस अभ्यास का हिस्सा होंगे।

पत्र सूचना कार्यालय की रक्षा शाखा द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ‘वायुशक्ति-26’ अभ्यास “अचूक, अभेद्य और सटीक” जैसे मूल सिद्धांतों से प्रेरित है। इसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना की उस भूमिका को मजबूती से सामने लाना है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में एक अहम स्तंभ के रूप में कार्य करती है।

दुश्मन पर त्वरित प्रहार और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन

वायुसेना इस युद्धाभ्यास में यह दिखाएगी कि वह किसी भी खतरे की स्थिति में सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे प्रभावी प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। अभ्यास के दौरान दुश्मन पर तेज हमला कर शुरुआत से ही बढ़त बनाने, और सामरिक अभियानों को रणनीतिक ढंग से अंजाम देने की क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। 

जानकारी के अनुसार, यह अभ्यास केवल युद्ध कौशल तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें यह भी दिखाया जाएगा कि भारतीय वायुसेना देश के भीतर और विदेशों में संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित हवाई सहायता, बचाव अभियान और निकासी (एवैक्यूएशन) जैसी जिम्मेदारियां किस तरह निभाती है। साथ ही, आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता में वायुसेना की भूमिका भी प्रदर्शित की जाएगी।

लड़ाकू विमानों से लेकर भारी परिवहन तक होंगे तैनात

इस अभ्यास में वायुसेना के कई प्रकार के विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। इनमें शामिल हैं:
तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, हॉक,
साथ ही सी-130जे, सी-295, सी-17 जैसे परिवहन विमान भी भाग लेंगे।

हेलीकॉप्टर बेड़े में चेतक, एएलएच एमके-IV, MI-17 IV, एलसीएच, अपाचे और चिनूक शामिल होंगे। इसके अलावा रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए) भी अभ्यास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

‘वायुशक्ति-26’ में उन्नत हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इनमें शॉर्ट रेंज लॉइटरिंग एमुनिशन्स, आकाश, स्पाइडर, और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (सीयूएएस) जैसी आधुनिक क्षमताएं शामिल हैं।

दिन-शाम-रात तीनों समय होंगे मिशन

यह अभ्यास खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें दिन, शाम और रात—तीनों समय अलग-अलग मिशन संचालित किए जाएंगे, जिससे वायुसेना की चौबीसों घंटे तैयार रहने की क्षमता सामने आएगी। जानकारी के अनुसार, वायुशक्ति-26 अभ्यास ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी दर्शाएगा। यह ऑपरेशन वायु क्षेत्र में प्रभुत्व, लंबी दूरी तक सटीक हमले, बहु-क्षेत्रीय अभियानों और स्वदेशी प्लेटफॉर्म की प्रभावशीलता के जरिए भारतीय वायुसेना की श्रेष्ठता को रेखांकित करता है।