चांदी की रफ्तार से बाजार हैरान, पांच लाख तक जाने के संकेत, सोने में भी बंपर उछाल

चांदी की रफ्तार से बाजार हैरान, पांच लाख तक जाने के संकेत, सोने में भी बंपर उछाल

चांदी की रफ्तार से बाजार हैरान, पांच लाख तक जाने के संकेत, सोने में भी बंपर उछाल
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 30, 2026, 12:27:00 PM

कीमती धातुओं के बाजार में इन दिनों जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए चार लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि केवल दस दिनों के भीतर इसकी कीमत में करीब एक लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमतों में आई इस तेजी का असर अब बाजार की सप्लाई पर भी साफ नजर आने लगा है।

सोना-चांदी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि चांदी की उपलब्धता तेजी से घट रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पूरा भुगतान करने के बावजूद दुकानदारों को 15 से 20 दिन तक चांदी की डिलीवरी का इंतजार करना पड़ रहा है। औद्योगिक इकाइयों की बढ़ती मांग ने सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि मौजूदा रुझान जारी रहा तो चांदी की कीमत जल्द ही पांच लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

मांग बढ़ी, बाजार में कमी

जानकारों के अनुसार शादी-ब्याह और लगन के मौसम ने चांदी की मांग को अचानक बढ़ा दिया है। एक तरफ कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर बाजार में माल की कमी महसूस की जा रही है। इस स्थिति से न केवल व्यापारी बल्कि आम ग्राहक भी परेशान हैं। दुकानों पर मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध नहीं है, जबकि निवेशक और उद्योग बड़े पैमाने पर चांदी की खरीदारी में जुटे हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो रांची में 20 जनवरी को चांदी का भाव 3,06,000 रुपये प्रति किलो था, जो 29 जनवरी तक बढ़कर 4,06,000 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। यानी महज दस दिनों में कीमत में एक लाख रुपये की छलांग लगी है।

सोना भी मजबूत रुख में

चांदी के साथ-साथ सोने के दामों में भी मजबूती बनी हुई है। रांची में 20 जनवरी को जेवराती सोना 1,34,500 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर था, जो अब बढ़कर 1,67,200 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया है। इस तरह दस दिनों के भीतर सोने की कीमत में 32,700 रुपये की तेजी दर्ज की गई है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश और औद्योगिक मांग के चलते फिलहाल कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव के बजाय तेजी का माहौल बना रह सकता है।