दिल्ली हाई कोर्ट ने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को बड़ी राहत देते हुए 18 मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। यह राहत तब मिली जब अदालत के निर्देश के अनुसार अभिनेता ने शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये निर्धारित समयसीमा के भीतर जमा करा दिए।
सोमवार, 16 फरवरी 2026 को राजपाल यादव की जमानत याचिका पर फिर से सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ता को 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान करें। अभिनेता ने अदालत के आदेश का पालन करते हुए दोपहर 3 बजे से पहले ही रकम ट्रांसफर कर दी। भुगतान की पुष्टि कोर्ट के समक्ष पेश किए जाने के बाद हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत मंजूर कर दी।
अंतरिम जमानत देते हुए अदालत ने राजपाल यादव पर कई शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अभिनेता अपना पासपोर्ट कोर्ट में सरेंडर करें। साथ ही अगली सुनवाई के दौरान उन्हें अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि राजपाल यादव अगली तारीख पर फिजिकल रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हो सकते हैं।
मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है। इस केस में 12 फरवरी को भी सुनवाई हुई थी, हालांकि उस दिन अदालत में सिर्फ एक पक्ष की दलीलें सुनी गई थीं। इसके बाद कोर्ट ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए नई तारीख तय कर दी थी।
इस बीच यह भी सामने आया है कि अभिनेता की भतीजी की शादी 19 फरवरी को शाहजहांपुर में होने वाली है। अंतरिम जमानत मिलने के बाद राजपाल यादव को इस पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।
कर्ज और कानूनी विवाद
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, राजपाल यादव ने अपनी फिल्म के निर्माण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर सफल न हो पाने के कारण वह रकम समय पर नहीं चुका सके। इसके बाद कर्ज देने वाली कंपनी ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
बताया जाता है कि शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस हो गए थे, जिसके चलते मामला अदालत पहुंचा और लंबे समय तक सुनवाई चलती रही। समय के साथ ब्याज बढ़ने के कारण यह राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
2018 में तिहाड़ भी जा चुके हैं राजपाल यादव
यह मामला पहले भी गंभीर मोड़ ले चुका है। अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने दोनों को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी।
इसके बाद 2019 की शुरुआत में सेशन कोर्ट ने भी मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, जिससे अभिनेता की मुश्किलें और बढ़ गईं। आगे चलकर राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की, लेकिन उन्हें वहां से भी सीमित राहत ही मिली।
इसी मामले में अदालत ने 6 फरवरी 2026 को राजपाल यादव को दोबारा तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। हालांकि अब 1.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद उन्हें फिलहाल राहत मिल गई है।