महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन हादसे में निधन हो गया है। इस घटना में कोई नहीं बचा है। विमान में सवार सभी 5 लोग मारे गए हैं। एयरक्राफ्ट में अजित पवार के अलावा उनके एक पीएसओ, सहायक और दो क्रू मेंबर सवार थे। प्लेन के क्रैश होने की क्या वजह रही, इसके बारे में जांच की जा रही है। अजित पवार जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक रैली में शामिल होने के लिए बारामती पहुंच रहे थे, लेकिन वह इसमें जा नहीं सके। अजित पवार मंगलवार की शाम को ही मुंबई में सीएम देवेंद्र फडणवीस एक साथ एक कैबिनेट कमेटी की मीटिंग में मौजूद थे।
अमित शाह ने भी अजित पवार के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा, 'आज एक दुःखद हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NDA के हमारे वरिष्ठ साथी अजीत पवार जी को खो देने की सूचना से मन अत्यंत व्यथित है। अजीत पवार जी ने बीते साढ़े तीन दशकों में जिस प्रकार महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए खुद को समर्पित किया, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। वे जब भी मिलते थे, महाराष्ट्र की जनता के कल्याण संबंधी अनेक विषयों पर लंबी चर्चा करते थे। उनका निधन NDA परिवार के साथ ही मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मैं पवार परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। शोक की इस घड़ी में पूरा NDA शोक संतप्त पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति शांति।'
पीएम मोदी ने ट्विटर पर अजित पवार के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि अजित पवार जनता के नेता थे। उनकी जमीनी पकड़ अद्भुत थी। उन्हें महाराष्ट्र की जनता की फ्रंट पर रहकर सेवा करने के लिए जाना जाता है। प्रशासनिक मामलों पर उनकी समझ और गरीबों के लिए उनके काम याद किए जाएंगे। उनका असमय निधन बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाला है। उनके परिवार और लाखों प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति !
अजित पवार जिस विमान में सवार थे, उसकी कंपनी VSR का कहना है कि प्लेन में कोई खामी नहीं थी। VSR एविएशन का कहना है कि दृश्यता की कमी के चलते शायद ऐसा हादसा हुआ है क्योंकि पायलट भी अनुभवी थे।
अजित पवार को लेकर यह कहा जाता रहा है कि वह कभी सत्ता से बाहर नहीं रहे। कुल 4 मुख्यमंत्रियों के साथ 6 बार डिप्टी सीएम के तौर पर काम करने वाले अजित पवार को प्यार से अजित दादा कहा जाता था। उनके जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा हो गया है। शरद पवार के परिवार को भी इससे बड़ा झटका लगा है। बीते कुछ दिनों से अजित पवार परिवार में एकता के लिए भी प्रयास कर रहे थे। इसके अलावा वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा भी अपने साथ ही लेकर चले गए। उन्होंने कई बार कहा था कि मैं मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखता हूं, लेकिन ऐसा हो ना सका। वह अपने करियर में कुल 6 बार और महाराष्ट्र में सबसे लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहे।