CBSE 10वीं साइंस-सोशल साइंस क्वेश्चन पेपर के लिए नए नियम, ये गलती की तो नहीं मिलेंगे नंबर!

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे 10वीं क्लास में भाग लेने जा रहे छात्रों को प्रश्न पत्र हल करने का अच्छे से अभ्यास करवा दें,

CBSE 10वीं साइंस-सोशल साइंस क्वेश्चन पेपर के लिए नए नियम, ये गलती की तो नहीं मिलेंगे नंबर!
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 10, 2025, 8:32:00 PM

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे 10वीं क्लास में भाग लेने जा रहे छात्रों को प्रश्न पत्र हल करने का अच्छे से अभ्यास करवा दें, ताकि वे एग्जाम के समय किसी भी प्रकार की गलती करने से बच जाएं. चूंकि सीबीएसई की ओर से कक्षा 10वीं के साइंस और सोशल साइंस के पेपर में मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से चेंजेस किये गए हैं, जिसकी पूरी जानकारी से छात्रों को अवगत करवाने की जिम्मेदारी स्कूलों को दी गई है. अब इन दोनों विषयों के प्रश्नपत्र अलग-अलग सेक्शनों में बंटे होंगे और छात्रों को अपनी कॉपी भी इसी प्रारूप में विभाजित करके ही उत्तर लिखने होंगे.

बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि सेक्शन बदलकर लिखे गए उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और न ही इन गलतियों को री-चेकिंग या री-इवैल्युएशन में सुधारा जाएगा. इसलिए सीबीएसई की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस वर्ष कक्षा दसवीं में विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से प्रश्न पत्रों को दिए गए विवरण के अनुसार विभिन्न खंडों में विभाजित किया गया है.

CBSE द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, विज्ञान का पेपर तीन हिस्सों में बाँटा गया है—

• खंड A: जीव विज्ञान (Biology)

• खंड B: रसायन विज्ञान (Chemistry)

• खंड C: भौतिकी (Physics)

इसी तरह, सामाजिक विज्ञान का पेपर चार खंडों में रहेगा—

• खंड A: इतिहास

• खंड B: भूगोल

• खंड C: राजनीति विज्ञान

• खंड D: अर्थशास्त्र

बोर्ड ने कहा कि छात्रों को अपनी उत्तर-पुस्तिका बिल्कुल प्रश्नपत्र के प्रारूप के अनुरूप ही बनानी होगी. यानी जिस प्रश्न का उत्तर जिस सेक्शन में पूछा गया है, उसी सेक्शन में लिखा जाना अनिवार्य है. CBSE का कहना है कि यदि कोई विद्यार्थी इतिहास का उत्तर भूगोल वाले सेक्शन में या बायोलॉजी का उत्तर फिजिक्स सेक्शन में लिख देता है तो उसके उस उत्तर के शून्य अंक दिए जाएंगे. बोर्ड ने कहा है कि इस तरह की गलतियों को कोई मानवीय त्रुटि नहीं माना जाएगा और इन्हें सुधारने का अवसर बाद में नहीं मिलेगा.

CBSE ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वह प्री-बोर्ड परीक्षाओं में ही इस पैटर्न का अधिक से अधिक अभ्यास छात्रों से कराएं, ताकि वह बोर्ड परीक्षा में कोई तकनीकी गलती न करें. साथ ही साइंस और सोशल साइंस दोनों के सैंपल क्वेश्चन पेपर CBSE की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिनसे छात्र नए पैटर्न को समझ सकते हैं.