गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह ने सीमेंट कारोबार को एकीकृत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। समूह की प्रमुख कंपनी अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने अपनी अनुषंगी इकाइयों एसीसी लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट को अपने साथ मिलाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद अडानी समूह एक सशक्त ‘वन सीमेंट प्लेटफॉर्म’ खड़ा करेगा, जिससे देशभर में फैला एक बड़ा और संगठित सीमेंट नेटवर्क तैयार होगा।
इस विलय के पूरा होने पर एसीसी, ओरिएंट सीमेंट, पेन्ना सीमेंट और सांघी इंडस्ट्रीज—चारों इकाइयाँ अंबुजा सीमेंट्स के अंतर्गत आ जाएंगी। इन सभी की संयुक्त उत्पादन क्षमता 107 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी। अंबुजा सीमेंट्स के निदेशक मंडल ने सोमवार को एसीसी और ओरिएंट सीमेंट के साथ प्रस्तावित अमलगमेशन स्कीम को मंजूरी दी।
कंपनी का कहना है कि इस एकीकरण से संचालन में तालमेल बढ़ेगा, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी तथा पूंजी का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा। इससे न केवल मुनाफे में सुधार होगा, बल्कि भविष्य के विस्तार और शेयरधारकों के दीर्घकालिक हितों को भी बल मिलेगा।
शेयर विनिमय का प्रस्ताव
योजना के मुताबिक, एसीसी के पात्र शेयरधारकों को उनके प्रत्येक 100 इक्विटी शेयर (₹10 अंकित मूल्य) के बदले अंबुजा सीमेंट्स के ₹2 अंकित मूल्य वाले 328 शेयर मिलेंगे। वहीं, ओरिएंट सीमेंट के हर 100 शेयर (₹1 अंकित मूल्य) पर अंबुजा सीमेंट्स ₹2 अंकित मूल्य के 33 शेयर जारी करेगी।
यह कदम अंबुजा सीमेंट्स की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी वित्त वर्ष 2028 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 107 एमटीपीए से बढ़ाकर 155 एमटीपीए करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
वर्तमान स्थिति में अंबुजा सीमेंट्स की एसीसी में 50.05 प्रतिशत, ओरिएंट सीमेंट में 72.66 प्रतिशत, पेन्ना इंडस्ट्रीज में 99.94 प्रतिशत और सांघी इंडस्ट्रीज में 58.08 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पेन्ना और सांघी के अंबुजा में विलय को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और वे फिलहाल वैधानिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में हैं।
सभी प्रस्तावित विलयों के लागू होने के बाद अंबुजा सीमेंट्स में प्रमोटर एवं प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 67.65 प्रतिशत से घटकर 60.94 प्रतिशत रह जाएगी।
अंबुजा सीमेंट्स के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर करण अडानी ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि एकीकृत कॉर्पोरेट ढांचे से परिचालन क्षमता मजबूत होगी, विकास को गति मिलेगी और स्थायी मूल्य सृजन का मार्ग प्रशस्त होगा।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि एसीसी के विलय की प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 और ओरिएंट सीमेंट के लिए 1 मई 2025 तय की गई है। चूंकि यह पूरा लेन-देन समूह के भीतर किया जा रहा है, इसलिए इसके लिए प्रतिस्पर्धा आयोग की अनुमति आवश्यक नहीं होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस विलय से ब्रांडिंग, नेटवर्क और बिक्री से जुड़ी लागत में कमी आएगी और प्रति मीट्रिक टन लगभग 100 रुपये तक मार्जिन सुधरने की संभावना है। साथ ही, प्रशासनिक दोहराव खत्म होगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बन सकेगी।
उल्लेखनीय है कि अडानी समूह ने सितंबर 2022 में स्विस कंपनी होल्सिम से अंबुजा सीमेंट्स में हिस्सेदारी खरीदकर सीमेंट क्षेत्र में कदम रखा था। इसके बाद एसीसी, पेन्ना सीमेंट, सांघी इंडस्ट्रीज और हाल में ओरिएंट सीमेंट के अधिग्रहण के जरिए समूह ने इस सेक्टर में अपनी पकड़ लगातार मजबूत की है।