पुराना ईडी-पुलिस विवाद दोबारा फिर चर्चा में, पेयजल घोटाले की जांच के बीच बढ़ी तल्ख़ी

पुराना ईडी-पुलिस विवाद दोबारा फिर चर्चा में, पेयजल घोटाले की जांच के बीच बढ़ी तल्ख़ी

पुराना ईडी-पुलिस विवाद दोबारा फिर चर्चा में, पेयजल घोटाले की जांच के बीच बढ़ी तल्ख़ी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 15, 2026, 10:48:00 AM

झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य पुलिस के बीच जांच को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा मामला पेयजल घोटाले से जुड़ा है, जहां एक ओर ईडी बड़े अधिकारियों की कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है, वहीं दूसरी ओर रांची पुलिस ईडी अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान आरोपी के साथ मारपीट के आरोपों की जांच में जुटी है।

इसी सिलसिले में पुलिस की एक टीम 15 जनवरी की सुबह बल के साथ ईडी कार्यालय पहुंची। इस घटनाक्रम के बाद दोनों एजेंसियों के बीच नया टकराव खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।

राज्य में ईडी और पुलिस के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। इसकी शुरुआत अवैध खनन मामलों की जांच के दौरान हुई थी। उस वक्त साहिबगंज टोल टेंडर से जुड़े मामलों में नेताओं को क्लीन चिट देने वाले पुलिस अधिकारियों को ईडी ने समन जारी किए थे। शुरुआती दौर में कुछ अधिकारी पूछताछ के लिए पेश भी हुए, लेकिन बाद में इन समनों को अदालत में चुनौती दी गई। न्यायालय के निर्देशों के बाद पुलिस अधिकारियों को अंततः ईडी के सामने उपस्थित होना पड़ा।

अवैध खनन जांच के दौरान ईडी ने साहिबगंज के उपायुक्त आवास पर छापा मारा था। इसके बाद राज्य सरकार ने ईडी को पत्र लिखकर असहमति जताई और एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की। इस SOP के तहत किसी भी राज्य अधिकारी को केंद्रीय एजेंसियों—जैसे ईडी या आयकर विभाग—द्वारा पूछताछ के लिए बुलाने से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति अनिवार्य कर दी गई।

ईडी ने इस SOP पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि उसे संसद से पारित कानून के तहत स्वतंत्र अधिकार प्राप्त हैं और राज्य सरकार इन अधिकारों पर रोक नहीं लगा सकती।

इसके बाद भूमि घोटाले की जांच के दौरान दोनों एजेंसियों के बीच दूसरा बड़ा विवाद सामने आया। आरोप लगे कि अंचल अधिकारियों ने एक वकील के जरिए ईडी को करीब छह करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की। मामला अदालत तक पहुंचा। ईडी ने अपने ऊपर दर्ज प्राथमिकी और लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर कई बार सुनवाई हो चुकी है, हालांकि अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।

अब पेयजल घोटाले के मुख्य आरोपी द्वारा ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी की जांच के चलते एक बार फिर एजेंसियों के बीच टकराव गहराने की संभावना जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर और गंभीर रूप ले सकता है।