जमशेदपुर के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी के अपहरण को 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस सुराग सामने नहीं आने से पूरे शहर में बेचैनी बढ़ गई है। शहर के एक व्यस्त इलाके से हुई इस घटना ने आम नागरिकों के साथ-साथ कारोबारी समुदाय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अपहरण की गंभीरता को देखते हुए विधायक सरयू राय ने राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा से इस मामले पर बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय से भी विस्तृत चर्चा कर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली।
सरयू राय ने कहा कि लंबे समय के बाद जमशेदपुर में इस तरह का सनसनीखेज अपराध सामने आया है, जिससे लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना गहराई है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया कि यह प्रकरण केवल फिरौती या आर्थिक लेन-देन का मामला नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर एक युवा के जीवन से जुड़ा हुआ है।
विधायक ने आग्रह किया कि इस केस को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और जल्द से जल्द अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद करने के लिए हर संभव कदम उठाया जाए। उन्होंने मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने की भी मांग की।
सरयू राय के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जांच एजेंसियां पूरी तत्परता और गंभीरता से काम कर रही हैं तथा जल्द ही किसी अहम सुराग के हाथ लगने की उम्मीद है।