झारखंड में ठंड ने अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर-पश्चिम दिशा से बह रही ठंडी हवाओं के चलते राज्य के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रांची में शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 5.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुल नौ जिलों में रात का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। रांची के बाद गुमला में सबसे कम 5.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा खूंटी में 6.8 डिग्री, डाल्टनगंज में 7.9 डिग्री, सिमडेगा में 8.1 डिग्री, हजारीबाग में 9.1 डिग्री, लोहरदगा में 9.3 डिग्री, बोकारो में 9.5 डिग्री और लातेहार में 9.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। बीते 24 घंटे में बोकारो में सबसे ज्यादा 2.8 डिग्री की गिरावट देखी गई है।
हालांकि रात की सर्दी के बीच दिन के समय धूप ने थोड़ी राहत दी है। मौसम केंद्र, रांची के मुताबिक चाईबासा में अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि सरायकेला में 27.3 और पूर्वी सिंहभूम में 27.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसके उलट गुमला, कोडरमा, हजारीबाग और लातेहार ऐसे जिले रहे, जहां दिन का अधिकतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा और ठंड का अहसास बरकरार रहा।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 22 दिसंबर तक सुबह के समय मध्यम स्तर का कोहरा छाया रह सकता है, हालांकि दिन के वक्त आसमान साफ रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री कम दर्ज किया गया है।
तेजी से गिरते तापमान को देखते हुए किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की गई है। विभाग ने सुबह के समय खड़ी फसलों और सब्जियों में हल्की सिंचाई करने की सिफारिश की है। कम तापमान से अंकुरण प्रभावित न हो, इसके लिए सब्जियों की नर्सरी को कम लागत वाले पॉलिथीन कवर से ढंकने की सलाह दी गई है। साथ ही हाल ही में बोई गई रबी फसलों और नए पौधों को नमी की कमी से बचाने के लिए पर्याप्त सिंचाई पर जोर दिया गया है।