झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में चूक, कई मारे गए और सरेंडर कर चुके नक्सली अब भी सूची में शामिल

झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में चूक, कई मारे गए और सरेंडर कर चुके नक्सली अब भी सूची में शामिल

झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में चूक, कई मारे गए और सरेंडर कर चुके नक्सली अब भी सूची में शामिल
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 08, 2025, 3:30:00 PM

झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इस सूची में अभी भी कई ऐसे इनामी नक्सली शामिल हैं, जो या तो मारे जा चुके हैं या फिर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका नाम बने रहने से सूची की विश्वसनीयता और वर्तमान स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में वर्तमान में 58 इनामी नक्सली हैं। लेकिन सूची का विश्लेषण करने पर पता चला कि इनमें कई ऐसे नाम शामिल हैं जिन्हें पिछले कुछ महीनों में विभिन्न जिलों में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया या नक्सलियों ने खुद सरेंडर किया।

मारे गए और सरेंडर किए गए नक्सली:

  • एक करोड़ रुपए के इनामी अनुज उर्फ सहदेव सोरेन को मुठभेड़ में ढेर किया गया।

  • 25 लाख रुपए के इनामी रघुनाथ हेंब्रम को भी पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।

  • 10 लाख रुपए के इनामी अमित हांसदा को मुठभेड़ में मौत हुई।

  • 10 लाख रुपए के इनामी बिरसेन गंझू को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया।

  • 10 लाख रुपए के इनामी विवेक यादव को गया (बिहार) में हत्या कर दी गई।

  • पांच लाख रुपए के इनामी मुखदेव यादव को मुठभेड़ में मार गिराया गया।

  • पांच लाख रुपए के इनामी रवींद्र यादव (जेजेएमपी), बलदेव गंझु (जेजेएमपी), मुकेश राम (जेजेएमपी) और अखिलेश यादव (जेजेएमपी) ने झारखंड पुलिस और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर किया।

इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि मोस्ट वांटेड लिस्ट को समय-समय पर अपडेट नहीं किया गया, जिससे वास्तविक स्थिति को लेकर जनता और अधिकारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।