झारखंड पुलिस ने सब इंस्पेक्टर और मेजर रैंक के अधिकारियों के लिए निर्धारित आठ सप्ताह के अनिवार्य अधिष्ठापन प्रशिक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रशिक्षण निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रशिक्षण से किसी भी अधिकारी को किसी भी परिस्थिति में छूट नहीं दी जाएगी।
निर्देश में कहा गया है कि जो भी अधिकारी इस प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं होगा, उसके खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, ऐसे अधिकारियों के नियंत्री पदाधिकारियों से भी अनुपस्थिति को लेकर जवाबदेही तय करने हेतु स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
यह आदेश तब जारी किया गया है जब 8 दिसंबर से झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग में यह प्रशिक्षण सत्र शुरू हो चुका है। प्रशिक्षण प्रारंभ होने के बाद कई अधिकारियों ने व्यक्तिगत या अन्य कारणों का हवाला देते हुए छूट की मांग की थी, लेकिन निदेशालय ने इन सभी अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया।
निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रशिक्षण सेवा नियमों के तहत अत्यंत महत्वपूर्ण है। एसीपी एवं एमएसीपी लाभ प्राप्त करने के साथ-साथ उच्च पद पर पदोन्नति के लिए भी यह प्रशिक्षण अनिवार्य है। इसलिए किसी भी अधिकारी का इसमें शामिल होना आवश्यक है।
प्रशिक्षण निदेशालय ने सभी संबंधित नियंत्रक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अंतर्गत कार्यरत सभी सब इंस्पेक्टर और मेजर को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भेजें। जो अधिकारी प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा और उनके नियंत्रक अधिकारियों को इसके लिए उत्तरदायी माना जाएगा।