झारखंड विधानसभा में दस्तावेजों की डिजिटल व्यवस्था शुरू, स्पीकर ने किया नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन

झारखंड विधानसभा में दस्तावेजों की डिजिटल व्यवस्था शुरू, स्पीकर ने किया नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन

झारखंड विधानसभा में दस्तावेजों की डिजिटल व्यवस्था शुरू, स्पीकर ने किया नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 12, 2026, 11:27:00 AM

झारखंड विधानसभा को पूरी तरह आधुनिक और कागजरहित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन करते हुए इसे डिजिटल युग में विधानसभा को पारदर्शी, तेज और पेपरलेस बनाने की ऐतिहासिक पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से केंद्र और राज्यों की विधानसभाओं की कार्यप्रणाली में समानता आएगी और विधायी कामकाज पहले से अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनेगा।

अध्यक्ष महतो ने जानकारी दी कि वर्तमान सत्र से शून्यकाल की सूचनाएं अब नेवा प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन स्वीकार की जाएंगी। वहीं अगले सत्र से सदन की कार्यवाही को भी डिजिटल माध्यम से संचालित करने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि बजट सत्र के दौरान विधायक सुबह 7 बजे से 10 बजे तक ऑनलाइन शून्यकाल की सूचनाएं दर्ज कर सकेंगे। प्रत्येक सूचना के लिए 50 शब्दों की सीमा निर्धारित की गई है। साथ ही पहले प्राप्त होने वाली 25 सूचनाओं को उसी दिन की कार्यवाही में शामिल किया जाएगा। इससे विधायकों को देर रात या सुबह विधानसभा पहुंचकर सूचना देने की जरूरत नहीं होगी और वे अपने क्षेत्र से ही डिजिटल माध्यम से प्रश्न व सूचनाएं भेज सकेंगे।

अध्यक्ष नेवा परियोजना के बारे में बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) संसद और देशभर की विधानसभाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है। यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत “वन नेशन–वन एप्लीकेशन” की अवधारणा पर आधारित है। इसके लिए वर्ष 2019-20 में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच एमओयू किया गया था। परियोजना की कुल लागत में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन कर रही है। इस प्रणाली का तकनीकी विकास राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने किया है।

नेवा लागू होने के बाद विधायक तारांकित, अतारांकित और अल्पसूचित प्रश्न, शून्यकाल सूचनाएं, निवेदन और गैर-सरकारी विधेयक समेत कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन ही पूरा कर सकेंगे। सभी प्रश्नों के उत्तर डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे और उनकी स्थिति को भी ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। इसके साथ ही दैनिक कार्यसूची, प्रश्न सूची, बुलेटिन, विधेयक और समिति प्रतिवेदन जैसे दस्तावेज डिजिटल माध्यम से वितरित किए जाएंगे, जिससे कामकाज की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।

अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रणाली से कागज की बचत होगी, छपाई पर होने वाला खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विधायी दस्तावेजों का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आगे के चरण में विधानसभा की कार्यवाही और जरूरी दस्तावेज नागरिकों के लिए सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आम लोग भी विधानसभा की गतिविधियों को डिजिटल रूप से देख और समझ सकेंगे।

नेवा प्रणाली की जानकारी और इसके लाभों को लेकर विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें 44 विधायक शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष रांची से बाहर होने के कारण प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं हो सके। अध्यक्ष ने कहा कि ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के जरिए विधायकों की शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें नई व्यवस्था की पूरी जानकारी दी गई।