रांची स्थित रिम्स परिसर में लंबे समय से विवादों में रहे अपार्टमेंट और आवासीय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन की विशेष टीम ने इलाके में पहुंचकर अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान मौके पर मजिस्ट्रेट और संबंधित अंचल अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गईं।
प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही विवादित इमारतों में रह रहे लोग खुद ही अपने-अपने फ्लैट खाली करने लगे हैं। कई निवासियों ने बताया कि इन मकानों को खरीदने में उन्होंने अपनी वर्षों की बचत लगा दी थी। लोगों का कहना है कि सपनों का घर समझकर उन्होंने फ्लैट तैयार कराए थे, जिनकी कीमत 70 से 80 लाख रुपये तक बताई जा रही है।
अदालती आदेश के तहत इन निर्माणों को अवैध घोषित किए जाने के बाद अब कब्जा हटाया जा रहा है। इससे प्रभावित परिवारों में आक्रोश और मायूसी का माहौल है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई दांव पर लग गई है और वे प्रशासन से किसी ठोस समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल जिला प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जा रही है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने।