जमशेदपुर के मानगो थाना परिसर में रविवार देर शाम अचानक हालात बिगड़ गए, जब एक पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और थाना परिसर कुछ देर के लिए अराजकता का केंद्र बन गया।
जानकारी के मुताबिक, दोनों गुटों के समर्थक बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए थे। इसी दौरान आक्रोश इस कदर बढ़ा कि थाना परिसर में ही दोनों ओर से जमकर हाथापाई हुई। झड़प के दौरान वहां रखी टेबल, कुर्सियां और रैक क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें और दस्तावेज इधर-उधर बिखर गए। बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।
बताया गया है कि मानगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित सिम्स हॉस्पिटल और दया मेडिकल्स के संचालकों के बीच काफी समय से आपसी विवाद चला आ रहा था। रविवार को किसी बात को लेकर यह विवाद फिर भड़क उठा और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। झगड़े के दौरान एक पक्ष की कार के शीशे भी तोड़े जाने की सूचना है।
घटना के बाद सिम्स हॉस्पिटल से जुड़े लोग शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही देर में दूसरा पक्ष भी वहां आ गया। इसके बाद थाना परिसर में पहले तीखी बहस हुई और फिर माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष थाने के अंदर ही आपस में भिड़ गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय-1 भोला प्रसाद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। एहतियात के तौर पर थाना परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, साथ ही क्षेत्र में गश्त भी तेज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है। थाना परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
डीएसपी भोला प्रसाद ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर थाना परिसर में रखे कुछ फर्नीचर को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है, हालांकि पूरी क्षति का आकलन अभी किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।