लापता अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी के बाद झारखंड की राजनीति में श्रेय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने उन बजरंग दल कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया, जिन्होंने बच्चों की तलाश में सक्रिय भूमिका निभाई थी। यह सम्मान समारोह रामगढ़ जिले के चितरपुर में आयोजित किया गया, जहां उत्साहपूर्ण माहौल के बीच करीब एक दर्जन युवाओं को मंच पर सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक रौशन लाल चौधरी के साथ-साथ पार्टी के कई जिला स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। आदित्य साहू ने इस मौके पर युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे साहसी और संवेदनशील लोगों का योगदान नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इससे पहले झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सक्रियता के कारण ही दोनों बच्चे सुरक्षित वापस लौट सके। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए लिखा था कि बच्चों को खोजने वाले युवाओं को नजरअंदाज करना गंभीर असंवेदनशीलता है। बाबूलाल मरांडी ने यह भी मांग की थी कि पुलिस को अपनी चूक स्वीकार करते हुए इन युवाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि समाज के सहयोगियों की अनदेखी होती रही, तो भविष्य में आम लोग पुलिस की मदद करने से पीछे हट सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि भाजपा इन युवाओं को सम्मानित करेगी, जिसे अब अमल में लाया गया है।
गौरतलब है कि बच्चों के लापता होने के बाद पुलिस ने उनकी जानकारी देने या बरामदगी में मदद करने वाले के लिए चार लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। हालांकि, बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस की ओर से किसी को भी औपचारिक रूप से श्रेय नहीं दिया गया। इसी वजह से अब यह सवाल उठ रहा है कि घोषित इनाम का वास्तविक हकदार आखिर कौन होगा।