केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में गुरुवार को चाईबासा जिले में भारत बंद का आह्वान किया गया। बैंकिंग और मजदूर संगठनों के समर्थन में बंद को लेकर चाईबासा, जगन्नाथपुर, झींकपानी, नोवामुंडी, बड़ाजामदा सहित कई इलाकों में समर्थक सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन किया।
सुबह से ही चाईबासा शहर में बंद का प्रभाव स्पष्ट दिखा। अधिकांश दुकानों के शटर नहीं खुले और बैंकिंग गतिविधियां भी प्रभावित रहीं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को पहले से ही तैनात कर दिया गया था।
वहीं जगन्नाथपुर अनुमंडल मुख्यालय में बंद का असर मिला-जुला रहा। गुरुवार को साप्ताहिक हाट लगने के कारण ग्रामीण बड़ी संख्या में खरीद-बिक्री के लिए पहुंचे। सुबह बंद समर्थकों ने मुख्य चौक पर टायर जलाकर विरोध दर्ज कराया, जिसे पुलिस ने तत्काल पहुंचकर बुझा दिया। इसके बाद धीरे-धीरे बाजार की दुकानें खुलने लगीं और दोपहिया व चारपहिया वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। हालांकि भारी वाहनों और यात्री बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा।
कुमारडुंगी में बंद समर्थकों ने मुख्य चौक पर बाजार बंद कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। जैंतगढ़ क्षेत्र में भी बंद का असर आंशिक रूप से देखा गया।
चंपूआ क्षेत्र में बंद का असर अपेक्षाकृत अधिक रहा। यहां ट्रक और बसों की आवाजाही रुक गई, वहीं बैंक भी बंद रहे। जिले के कई हिस्सों में लेन-देन प्रभावित होने की सूचना मिली।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे जिले में पुलिस और सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी। हालांकि दिनभर कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।