भारत मे ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम ने CM हेमन्त सोरेन से की मुलाकात

भारत मे ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम ने CM हेमन्त सोरेन से की मुलाकात

भारत मे ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम ने CM हेमन्त सोरेन से की मुलाकात
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 15, 2025, 11:15:00 AM

झारखंड दौरे पर आए भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के आपसी संबंधों को और सशक्त करने, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा निवेश की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल में इंटरनेशनल लॉ की प्रोफेसर सुशान मार्क्स, फर्स्ट सेक्रेटरी टॉम सैंडरफोर्ड और कोलकाता स्थित ऑस्ट्रेलियाई कांसुलेट-जनरल की सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च ऑफिसर अनघा भी शामिल थीं। बातचीत के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पक्ष ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को ऑस्ट्रेलिया आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नीतियों, झारखंड में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और निवेश के अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने श्रम आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में झारखंड को ले जाने के अपने विजन को साझा किया। इस पर ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधियों ने सहयोग का भरोसा जताते हुए साझा प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

खनन क्षेत्र को लेकर चर्चा के दौरान हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा कि झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खनिज संसाधनों के लिहाज से कई समानताएं हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपनाई जा रही खान सुरक्षा और सुरक्षित खनन तकनीकों के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही, खनन के बाद भूमि को पुनः विकसित कर स्थानीय समुदाय को सौंपने की ऑस्ट्रेलियाई नीति का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि खनन प्रक्रिया ऐसी ही होनी चाहिए, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में ऐसी नीतियां मौजूद हैं, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा उनका समुचित पालन नहीं हो पा रहा है। खान सुरक्षा और खनन कार्यों में स्थानीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के मामले में ऑस्ट्रेलिया का मॉडल अनुकरणीय है।

इसके अलावा, दोनों पक्षों के बीच जनजातीय समुदायों के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधियों ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में भी बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय निवास करते हैं और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वहां विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस अनुभव को साझा करते हुए भविष्य में इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।