झारखंड की राजधानी रांची में देर रात एक घटना सामने आई, जिसने पुलिस की संवेदनशीलता और इंसानियत दोनों की मिसाल पेश कर दी। केरल से मरीज को लेकर रांची पहुंचे एक एम्बुलेंस चालक के साथ ठगी हो गई, लेकिन मुश्किल वक्त में खुद रांची के एसएसपी राकेश रंजन उसके लिए मददगार बनकर सामने आए।
जानकारी के अनुसार, केरल के एक एम्बुलेंस चालक को एक मरीज को रांची पहुंचाने के लिए बुक किया गया था। चालक ने लंबा सफर तय कर मरीज को सुरक्षित रांची पहुंचाया। मगर यहां पहुंचने के बाद मरीज के परिजनों ने भुगतान करने के बजाय उसे बहला-फुसलाकर मौके से फरार हो गए।
अजनबी शहर में बिना पैसे के चालक पूरी तरह असहाय हो गया और सहायता के लिए इधर-उधर भटकने लगा।
घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है। उसी दौरान एसएसपी राकेश रंजन शहर में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए गश्त पर थे। जब उनका काफिला अल्बर्ट एक्का चौक से गुजर रहा था, तो उन्होंने एक व्यक्ति को परेशान हालत में देखा।
एसएसपी ने तुरंत वाहन रुकवाया और खुद उस व्यक्ति से बातचीत कर उसकी समस्या जानी। चालक ने पूरी घटना बताते हुए कहा कि रांची पहुंचने के बाद उसके साथ धोखाधड़ी की गई।
चालक की बात सुनते ही एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके से ही बरियातू थाना को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। चालक की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए उसे पीसीआर वैन के माध्यम से सम्मानपूर्वक थाने भेजा गया।
एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद बरियातू थाना पुलिस अब उन लोगों की पहचान और तलाश में जुट गई है, जिन्होंने चालक से सेवा लेने के बाद भुगतान नहीं किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में किसी बाहरी व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवता निभाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है, और रांची पुलिस ने इस मामले में वही कर दिखाया।