झारखंड के अनुसूचित जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों को तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा की प्रतियोगी तैयारी से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक नई पहल शुरू करने जा रही है। सोमवार से ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कोचिंग संस्थान’ का विधिवत संचालन शुरू होगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। कार्यक्रम में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा समेत कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। उद्घाटन समारोह दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया जाएगा।
यह कोचिंग संस्थान कल्याण विभाग के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में संचालित होगा। पहले चरण में राज्य के विभिन्न शैक्षणिक बोर्डों से चयनित कुल 300 विद्यार्थियों को इसमें नामांकित किया गया है। इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कक्षाओं का संचालन देश के प्रसिद्ध कोटा आधारित ‘मोशन’ संस्थान द्वारा किया जाएगा।
कोचिंग केंद्र रांची के हिंदपीढ़ी क्षेत्र में स्थित कल्याण विभाग के भवन में स्थापित किया गया है। पहले से निर्मित इस भवन को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित किया गया है। परिसर में छात्रों के लिए तीन छात्रावास की व्यवस्था भी की गई है, जिससे बाहर के जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिल सके।
नामांकित छात्रों को कोचिंग के दौरान आवश्यक अध्ययन सामग्री पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, चूंकि यह संस्थान का पहला शैक्षणिक सत्र है और प्रवेश प्रक्रिया अपेक्षाकृत देर से पूरी हुई है, इसलिए विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी संचालित की जा सकती हैं।
अन्य वर्गों के लिए भी होगी व्यवस्था
कल्याण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी इसी तर्ज पर इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कोचिंग शुरू की जाएगी। कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के निर्देश पर इसकी प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले सत्र से इन वर्गों के छात्र भी इस सरकारी पहल का लाभ उठा सकेंगे।
इस पहल को राज्य में सामाजिक न्याय और शैक्षणिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।