गढ़वा में भाजपा की संगठनात्मक चूक, दिवंगत नेताओं के नाम से जारी हो गए नियुक्ति पत्र

गढ़वा में भाजपा की संगठनात्मक चूक, दिवंगत नेताओं के नाम से जारी हो गए नियुक्ति पत्र

गढ़वा में भाजपा की संगठनात्मक चूक, दिवंगत नेताओं के नाम से जारी हो गए नियुक्ति पत्र
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 15, 2025, 1:49:00 PM

नामों की शुद्धता और सत्यापन को लेकर मुखर रहने वाली भारतीय जनता पार्टी अपने ही संगठनात्मक चयन में गंभीर चूक का शिकार हो गई। गढ़वा जिले के रमकंडा और चिनियां मंडल में ऐसे नेताओं को मंडल प्रतिनिधि घोषित कर दिया गया, जिनका निधन महीनों पहले हो चुका था।

जानकारी के अनुसार, रमकंडा मंडल के लिए पारस नाथ माली के नाम से नियुक्ति पत्र जारी किया गया, जबकि उनका आठ महीने पहले निधन हो चुका था। इसी तरह चिनियां मंडल में दो माह पूर्व दिवंगत रामसकल कोरवा को मंडल प्रतिनिधि घोषित कर दिया गया। मामला उजागर होने के बाद पार्टी में हलचल मच गई।

शिकायत मिलने पर वरीय नेताओं ने तत्काल हस्तक्षेप किया और सूची में संशोधन किया गया। इसके तहत दिवंगत नेताओं के नाम हटाकर रमकंडा मंडल से सोनू देवी और चिनियां मंडल से कपिल प्रसाद को नया मंडल प्रतिनिधि बनाया गया। हालांकि, संशोधित सूची में बरडीहा से संजय यादव, मझिआंव ग्रामीण से उमाशंकर यादव, मझिआंव नगर से पवन कुमार और वंशीधर नगर से अशोक सेठ के नाम भी हटा दिए गए, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बन गई है।

गौरतलब है कि भाजपा में इन दिनों ‘संगठन पर्व’ के तहत आंतरिक चुनावों की प्रक्रिया चल रही है। इस क्रम में विधानसभा क्षेत्रों के मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रतिनिधियों का चयन किया जा रहा है। इसके बाद जिला अध्यक्षों के चुनाव प्रस्तावित हैं।

परिजनों की प्रतिक्रिया

दिवंगत पारस नाथ माली के पुत्र अवधेश माली ने कहा कि उनके पिता का निधन अक्टूबर में हो चुका है और स्थानीय नेताओं को इसकी जानकारी भी थी। इसके बावजूद उनका नाम मंडल प्रतिनिधि की सूची में शामिल किया जाना हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं वर्षों से पार्टी से जुड़े हुए हैं और यदि प्रतिनिधित्व देना ही था, तो उनके नाम पर विचार किया जा सकता था।

वहीं, रामसकल कोरवा के बेटे राजू कोरवा ने बताया कि उनके पिता का निधन 10 अप्रैल 2025 को हुआ था। उनके अंतिम संस्कार में कई भाजपा नेता, गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और पलामू सांसद बीडी राम भी शामिल हुए थे। ऐसे में पिता के नाम से नियुक्ति की खबर सुनना उनके लिए चौंकाने वाला रहा।

इस पूरे मामले पर भाजपा के गढ़वा जिला चुनाव प्रभारी अमरदीप यादव ने इसे टाइपिंग की गलती बताया। उन्होंने कहा कि जारी किए गए पत्र में तकनीकी त्रुटि रह गई होगी और चिनियां व रमकंडा मंडल के लिए योग्य व्यक्तियों का ही चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल अध्यक्षों और प्रतिनिधियों के नाम संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत तय किए गए हैं।