जमशेदपुर में जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI) के अधिकारियों ने लोहा व्यापारी प्रमोद अग्रवाल से लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके गोदाम और व्यवसायिक प्रतिष्ठान में भारी जीएसटी चोरी का मामला सामने आया। इस 72 घंटे चलने वाली छापेमारी में जमशेदपुर के करीब 50 अधिकारी शामिल थे।
छापेमारी का संचालन जीएसटी खुफिया महानिदेशालय, पटना जोनल यूनिट के प्रमुख के नेतृत्व में हुआ। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई और बुधवार व गुरुवार की रात 1 बजे तक जारी रही। जांच के दौरान अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 250 करोड़ रुपये के कच्चे वाउचर के जरिए खरीद-बिक्री करने के सबूत मिले हैं।
जानकारी के अनुसार, पलामू प्रमंडल में यह पहली बार है जब किसी कारोबारी को जीएसटी खुफिया महानिदेशालय ने गिरफ्तार किया है। प्रमोद अग्रवाल ने अब तक 2 करोड़ 35 लाख रुपये जीएसटी के रूप में जमा किए हैं, जबकि 45 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की पुष्टि हुई है। लोहे की वस्तुओं पर 18% जीएसटी लागू है। सरकार को इस मामले में लगभग 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके चलते पेनाल्टी के रूप में लगभग 90 करोड़ रुपये जमा करने होंगे।
अधिकारियों ने इस मामले में प्रमोद अग्रवाल के लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पांच मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जब्त किए हैं, जिनमें महत्वपूर्ण साक्ष्य होने की संभावना है।