भारी नुकसान में पटना मेट्रो, खर्च लाखों में और आमदनी हजारों में
पटना में अभी मेट्रो का परिचालन पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ तक 3.45 किमी में हो रहा है। 6 अक्टूबर 2025 को परिचालन की शुरुआत हुई थी।
पटना में अभी मेट्रो का परिचालन पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ तक 3.45 किमी में हो रहा है। 6 अक्टूबर 2025 को परिचालन की शुरुआत हुई थी। अभी तीन बोगी वाली ट्रेन चल रही है। मेट्रो भूतनाथ स्टेशन पर पहुंची। यहां से महज 13 यात्रियों ने सफर किया। 10 मिनट में आईएसबीटी स्टेशन पहुंची।
वहीं, आईएसबीटी से 16 यात्री भूतनाथ आए। एक बोगी में ही सभी यात्री बैठे। दो बोगियां खाली रहीं। प्रति यात्री किराया 15 रुपए है। इस हिसाब से भूतनाथ से जाने के दौरान 13 यात्रियों से 195 रुपए, जबकि आईएसबीटी से लौटने के दौरान 16 यात्रियों से 240 रुपए किराया मिला। मेट्रो प्रशासन के मुताबिक, शुरुआत में रोज 8-9 हजार यात्री सफर करते थे। अभी रोज औसतन 900 यात्री सफर कर रहे हैं। मेट्रो ट्रेन के परिचालन और रखरखाव पर रोज का खर्च 18.66 लाख है, जबकि औसतन 900 यात्रियों के हिसाब से आमदनी महज 13,500 रुपए की हो रही है। मार्च 2028 तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को परिचालन का जिम्मा दिया गया है। वह 32 माह के परिचालन और रखरखाव पर खर्च 179.37 करोड़ पटना मेट्रो से लेगी। मेट्रो का परिचालन सुबह 8 से रात 8 बजे तक होता है। प्रतिदिन 24 फेरा (अप और डाउन) चलती है।
अगले माह से भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक 2.75 किमी में मेट्रो चलने लगेगी। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम 25 फरवरी को आएगी। इस टीम की हरी झंडी के बाद उद्घाटन की तारीख तय होगी। इस बीच, बुधवार को भूतनाथ से मलाही पकड़ी स्टेशन के बीच अग्निशमन सेवा निदेशक रितेश कुमार पांडे और उनकी टीम ने अग्नि सुरक्षा की जांच की।
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